बरेली। एडीजी व डीआईजी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग करके बरेली और मुरादाबाद रेंज के नौ कप्तानों से सीधा संवाद किया। इसमें कांवड़ यात्रा जैसे समूह वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाने व अपराध नियंत्रण के निर्देश दिए। कानून व्यवस्था की समीक्षा में कई जिलों का कामकाज खराब बताकर सुधार का वक्त दिया गया।
एडीजी अविनाश चंद्र ने शनिवार शाम 11 बिंदुओं पर नौ जिलों के पुलिस कप्तान को संबोधित किया। डीआईजी राजेश पांडेय भी उन्हीं के कार्यालय में अपनी रेंज के चारों जिलों के कप्तान से मुखातिब हुए। इसमें मुख्य मुद्दा कांवड़ का रहा। दोनों अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा लोग समूह में करते हैं। गंगा घाट से लेकर मंदिरों तक भीड़ रहती है। इसलिए कोविड से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ सकता है। ऐसे में कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने के बारे में शासन स्तर से दिशानिर्देश दिए गए हैं जिनका अनुपालन कराएं। धर्मगुरुओं, पुजारियों ने भी इसके लिए आह्वान किया है। फिर भी कोई जिद करे और नियम तोड़े तो उस पर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा कोरोना हेल्थ डेस्क की प्रगति व कोरोना नियंत्रण, गंभीर केसों के खुलासे, लूट रोकने की कार्ययोजना, स्थान और समय बदलकर चेकिंग आदि पर फोकस किया गया। एडीजी ने पॉक्सो एक्ट के लंबित मामलों की मॉनीटरिंग की तो बरेली की स्थिति ही सही नहीं मिली। एसएसपी शैलेश पांडेय को इसके लिए निर्देश दिए गए। बदायूं और संभल के एसपी कोविड के न्यूनतम चालान पर घिर गए।