बरेली। शहर में अवैध होर्डिंग और यूनिपोल की भरमार है। इनमें से कई ऐसे स्ट्रक्चर हैं जो जर्जर इमारतों पर लगे हैं। छतों से नीचे प्लास्टर उखड़ रहा है, जबकि ऊपर भारी-भरकम स्ट्रक्चर कसे हुए हैं। तेज आंधी-बारिश के दौरान ये जानलेवा साबित हो सकते हैं। हैरत की बात यह है कि नगर निगम को ये कमियां नहीं दिखतीं। अगस्त में कराए गए सर्वे में सबकुछ ठीक-ठाक मिला। सुरक्षा प्रमाणपत्र भी जारी कर दिए गए। निगम का दावा है कि शहर में कहीं भी जर्जर भवनों पर होर्डिंग नहीं लगे हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है।
चौकी चौराहा : दो जर्जर भवनों पर लगे हैं आठ स्ट्रक्चरचौकी चौराहे पर दो जर्जर भवनों की छतों पर छोटे-बड़े आठ स्ट्रक्चर लगे हैं। इनमें से कई स्थानों पर केवल लोहे के एंगल खड़े हैं तो कहीं फटे-पुराने होर्डिंग लटक रहे हैं। इस खतरनाक स्ट्रक्चर के ठीक नीचे कई रेहड़ी-पटरी और ठेले वाले अपनी आजीविका कमाते हैं। इससे हमेशा अनहोनी का अंदेशा रहता है। नगर निगम ने आज तक इसकी सुध नहीं ली।
व्यस्त इलाके में जर्जर भवन पर लगा दिए दो होर्डिंग
बटलर प्लाजा रोड पर एक जर्जर भवन पर दो बड़े होर्डिंग लगे हैं। दूर से ही इनकी खस्ता हालत नजर आ जाती है। यह भीड़-भाड़ वाला इलाका है। दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सेफ्टी ऑडिट के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। तेज आंधी-बारिश में अफसरों के दावों की पोल खुलती है। अगस्त में 24 से ज्यादा होर्डिंग धराशाई हुए थे।
महादेव सेतु के ऊपर भी कम नहीं खतरा
महादेव सेतु के किनारे एक घर पर लगा होर्डिंग पिछली आंधी में धराशाई हो गया था। गनीमत रही कि कोई उसकी चपेट में नहीं आया। इसके बावजूद अब भी इस पुल पर छोटे-बड़े 10 होर्डिंग लगे हैं। इनमें से कई के बैनर फटकर हवा में लटक रहे हैं जो आंधी या झोंके के साथ उड़कर कभी भी नीचे से गुजर रहे वाहनों या राहगीरों पर गिर सकते हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
वर्जननिगम की ओर से लगातार अभियान चलाकर जर्जर व अवैध होर्डिंग-स्ट्रक्चर को चिह्नित किया जा रहा है। संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। - राजीव कुमार राठी, एक्सईएन, नगर निगम