बरेली। बारिश के बाद अस्पतालों की ओपीडी में त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियों और सर्द-गर्म (वायरल संक्रमण) के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल, तीन सौ बेड अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में शनिवार को ओपीडी में मरीजों की कतार रही।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन अजय मोहन अग्रवाल के मुताबिक बारिश के बाद बढ़ी उमस, जलभराव और दूषित पानी के सेवन से संक्रमण की आशंका रहती है। बारिश में भीगने और फिर तेज धूप या उमस से सर्दी, खांसी, बुखार और गले के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और दूषित पानी के सेवन से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं।
त्वचा रोग विशेषज्ञ यश गंगवार के मुताबिक नमी बढ़ने से फंगल संक्रमण, खुजली, दाद और एलर्जी के मरीज ओपीडी पहुंच रहे हैं। मरीजों को दवा समेत साफ पानी पीने, भीगे कपड़े तुरंत बदलने और साफ-सफाई का ध्यान रखने का सुझाव दे रहे हैं। इस मौसम में परहेज भी जरूरी है।
डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। इनपर ध्यान देना जरूरी है। इस मौसम में बुखार और सर्दी-खांसी, गले का संक्रमण, दस्त और उल्टी, गैस्ट्रोएंटेराइटिस, फंगल इंफेक्शन के मरीजों की तादाद बढ़ जाती है।
बचाव के उपाय
- उबालकर ठंडा किया हुआ साफ पानी पियें।
- खुले में रखे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- भीगने पर तुरंत कपड़े बदलें, हाथ धोते रहें।
- बच्चों को जलभराव वाले स्थानों पर खेलने से रोकें।
- डॉक्टर के परामर्श पर ही दवाओं का सेवन करें।