दरअसल दिल्ली में रिक्शा चलाने वाले 52 वर्षीय जावेद ने बरेली निवासी युवा आईपीएस अफसर नूरूल हसन के लिए मुसीबत खड़ी कर दी थी। जावेद करीब छह महीने से नूरूल हसन की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर हजारों महिलाओं से फेसबुक पर अश्लील चैट करता था। उन लड़कियों में से एक बरेली की बीकॉम की पढ़ाई कर चुकी युवती भी थी।
बात तब बिगड़ी जब लड़की ने वीडियो कॉलिंग की जिद की। पोल खुलने के डर से जावेद उससे कन्नी काटने लगा। फेसबुक आईडी आईपीएस हसन के नाम की थी, इसलिए युवती ने पुलिस से नूरूल हसन के खिलाफ शिकायत कर दी। वहीं, नूरूल हसन के पिता शमशुल हसन की ओर से भी अज्ञात आरोपी के खिलाफ बेटे को परेशान करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
मामले को लेकर पुलिस सक्रिय हुई और साइबर सेल की मदद ली तो पता चला कि सारा किया-धरा दिल्ली के एक रिक्शे वाले जावेद का है। पंद्रह दिन की मशक्कत के बाद इज्जत नगर पुलिस आरोपी जावेद को दिल्ली से पकड़कर लाई।
रविवार को जब पुलिस ने जावेद की पहचान करने के लिए युवती को बुलाया तो उसने हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस ने छात्रा और उसकी मां को हिरासत में लेकर महिला थाने भेज दिया। सोमवार को जावेद को इज्जत नगर थाने में पेश कर जेल भेजा गया। वहीं मां-बेटी को महिला थाने से कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
इधर आईपीएस नुरूल हसन के पिता शमशुल हसन ने सोमवार को एक नई रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद मां-बेटी का भी भेद खुल गया। पता चला कि इधर मां-बेटी ने आईपीएस के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी कर दी थी और उधर लगातार कुछ दिनों से नुरूल हसन के पिता शमशुल हसन को फोन कर के आईपीएस से शादी करवाने का दबाव बना रही थी।
सोमवार को पिता शमशुल हसन ने जो रिपोर्ट दर्ज कारई उसके मुताबिक युवती दो नंबरों से उन्हें लगातार कॉल कर रही थी। उसका जोर था कि नूरूल हसन से उसकी शादी करा दी जाए। ऐसा न करने पर उन्हें और आईपीएस बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। उनसे रंगदारी मांगने की भी कोशिश की गई। युवती ने धमकी दी कि ऐसा नहीं किया तो वह महाराष्ट्र में जाकर आत्महत्या कर लेगी।
इधर महिला थाने में बैठी युवती का कहना था कि वह पूरी तरह यकीन से कह रही है कि उससे बात करने वाला कोई हाई स्कूल पास रिक्शावाला नहीं हो सकता। उसने जावेद से कुछ सवाल किए जिनका वो जवाब नहीं दे पाया।
युवती ने दावा किया कि जावेद को केवल मोहरा बनाया गया है, नुरूल हसन की इसमें कोई न कोई भूमिका जरूर है पर पुलिस अपने विभाग के अफसर को बचा रही है। युवती ने बताया कि महाराष्ट्र के एक रिपोर्टर के जरिये आईपीएस ने उससे संपर्क साधा और उससे ऐसे कई लिंक ले लिए। वह उनके पिता को बस इसीलिए कॉल कर रही थी कि अपने आईपीएस बेटे को सामने करके एक बार उससे बात करा दें।
युवती ने कहा कि आईपीएस दोषी है इसीलिए सामने नहीं आए। उसके रुपये मांगने का कोई सबूत अगर आईपीएस का परिवार पेश कर दे तो वह खुद गलती मानकर खामोश हो जाएगी। युवती ने कहा कि मुझे अगर इस तरह दबाया जा रहा है तो मैं सुप्रीम कोर्ट तक न्याय की लड़ाई लड़ूंगी।
हालांकि सीओ थर्ड कुलदीप कुमार ने साफ कहा कि इस मामले में जावेद ही असली आरोपी है। उसके मोबाइल, फेसबुक आईडी व अन्य चीजों से पुलिस ने ढेर सारे साक्ष्य जुटा लिए हैं। छात्रा और उसकी मां डबल गेम खेल रही थीं। वे एक तरफ पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बना रही थीं और दूसरी ओर आईपीएस के परिवार पर शादी व अन्य मांगें पूरी करने का दबाव बना रही थीं। आईपीएस के पिता ने इनके खिलाफ काफी सबूत जुटा लिए हैं जो विवेचना में काम आएंगे।