बरेली। रेलवे के टेक्नीशियन विभाग की लापरवाही से प्वाइंट मेन लाइन से न जोड़े जाने पर मुगलसराय एक्सप्रेस ड्राइवर की सूझबूझ से पलटने से बच गई। लोको पायलट ने मेमो मिलने के बाद ट्रेन चलाने के बाद प्वाइंट जुड़ा न देख ट्रेन रोक दी। जिससे हादसा टल गया। इस पर रेल प्रशासन ने लोको पायलट को एक हजार इनाम देकर पुरस्कृत किया है।
मुगलसराय से चलकर बरेली आने वाली गाड़ी नंबर 14307 शनिवार सुबह आठ बजे संडीला स्टेशन पहुंची। यहां स्टार्टर सिग्नल फेल होने के कारण स्टेशन मास्टर ने 8:15 पर ट्रेन चलाने को लोको पायलट फकीर चंद को मेमो दिया। लोको पायलट ने जैसे ही ट्रेन यार्ड में आगे बढ़ाई तो टेक्नीशियन विभाग की लापरवाही के चलते मेन लाइन की जगह प्वाइंट सेंडहम्प (ठोकर) लाइन की तरफ जुड़ा हुआ था। जिसे देख पायलट ने ट्रेन को रोक दिया। अगर ट्रेन आगे ठोकर की तरफ तेज गति से जाती तो पटरी से उतरकर बड़ा हादसा हो जाता। पायलट की सूझबूझ से हादसा बच गया। इसके बाद प्वाइंट मेन लाइन से जोड़कर ट्रेन को आगे बढ़ाया गया। बरेली पहुंचने पर कर्मचारी नेता ओमकार सिंह आदि ने लोको पायलट फकीर चंद और असिस्टेंट लोको पायलट राजीव गुप्ता का स्वागत किया। वहीं रेल प्रशासन ने लोको पायलट फकीर चंद को सूझबूझ दिखाने पर एक हजार रुपये इनाम दिया।
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ऐसा बरती सूझबूझ
लोको पायलट फकीर चंद ने बताया कि सुबह आठ बजे उन्होंने संडीला स्टेशन पर ट्रेन रोकी। स्टार्टर सिग्नल फेल होने के कारण स्टेशन मास्टर ने गाड़ी रवाना करने का मेमो दिया, लेकिन आगे यार्ड समाप्ति की ओर प्वाइंट को मेन लाइन से जोड़ने की बजाए सेंडहम्प (ठोकर) की ओर ही जोड़े रखा गया। ड्राइवर ने बताया कि जब मैंने गाड़ी आगे बढ़ाई तो मेन लाइन की बजाए सेंडहम्प की ओर जाती दिखाई दी, तभी उन्होंने गाड़ी रोक दी और हादसा टल गया।
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आंझी में भी इसी लापरवाही से हुआ था हादसा
पिछले दिनों आंझी स्टेशन के पास भी ज्वाइंट मेन लाइन से न जोड़ने के कारण बड़ा हादसा हो गया था। अब संडीला में अगर लोको पायलट फकीर चंद सूझबूझ से ट्रेन नहीं रोकते तो शायद यहां भी हादसा हो जाता।