हरीश की पत्नी से मांगी थी 15 लाख रुपये फिरौती
पुलिस ने बदमाशों के चंगुल से हरीश कटियार को मुक्त कराया। बाद में पुलिस ने अनूप कटियार समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक महिला भी शामिल है। बताया गया है कि अनूप कटियार ने गिरोह बनाकर फिरौती के लिए हरीश का अपहरण किया था। अनूप ने गिरोह के सरगना अंकित को अपना पुराना सिम देकर हरीश की पत्नी ज्योति को कॉल कराकर 15 लाख रुपये मांगे। अंकित से ही अपनी पत्नी किरन को कॉल कराकर पांच लाख की फिरौती मांगी थी। एसएसपी अनुराग आर्य ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। बदमाशों के चंगुल से छूटे हरीश कटियार ने बरेली पुलिस का आभार जताया।
बांदा में हरीश के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था
गणेशपुरम निवासी किरन कटियार ने बारादरी थाने में रिपोर्ट कराई थी कि उसका पति अनूप कटियार (35) मूल रूप से हरदोई जिले के पांडेयपुर का निवासी है। उनके ससुर अमर सिंह कटियार बरेली में लेखपाल थे, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वह लोग गणेशपुरम कॉलोनी में रहते हैं। अनूप 17 जनवरी को बांदा निवासी हरीश कटियार से मिलने गया था। तब से अनूप व हरीश दोनों लापता थे। उधर, बांदा में हरीश के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें अनूप नामजद कराया। बांदा पुलिस अनूप व हरीश की तलाश कर रही थी। अनूप की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध थी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अनूप कटियार समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अनूप ने साजिश रचकर अपने चचेरे भाई हरीश को अगवा किया। खुद भी अगवा होने का ड्रामा किया ताकि हरीश को यकीन हो जाए कि वे दोनों अगवा हुए हैं। अनूप के गिरोह ने हरीश कटियार की पत्नी से 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। इधर, अनूप ने अपने साथी अंकित कटियार से पत्नी किरन को कॉल कराकर पांच लाख फिरौती की मांगी। हरीश को बख्शे में बंदकर रखा गया था। फिरौती न मिलने पर उनकी हत्या की साजिश रच रखी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हरीश को मुक्त करा लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि यह 11 लोगों का गिरोह है। यह गिरोह तीन चार महीने से अपहरण की साजिश रच रहा था। तीन आरोपी फरार हैं। इनकी तलाश की जा रही है।