बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एक एलएलएम प्रथम वर्ष के छात्र पर महिला असिस्टेंट प्रोफेसर को धमकाने और दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र के परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही उसका परीक्षाफल और चरित्र प्रमाण पत्र भी रोक दिया गया है। छात्र को अभिभावक के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
मुख्य प्रॉक्टर रवेंद्र सिंह ने बताया कि यह मामला अगस्त 2025 में सामने आया था। छात्र ने विधि विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर पर आंतरिक परीक्षा में अनुचित लाभ के लिए दबाव बनाया था। उसने प्रलोभन दिए और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग भी किया। असिस्टेंट प्रोफेसर ने जांच समिति को बताया कि छात्र ने उन्हें घर से उठा ले जाने की धमकी दी थी। शिकायत के बाद छात्र को निलंबित कर एक जांच समिति गठित की गई। इस समिति ने छात्र के कृत्यों को गंभीर अनुशासनहीनता माना। छात्र ने असिस्टेंट प्रोफेसर पर जाति आधारित भेदभाव का आरोप लगाया, लेकिन कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। कुलपति ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए एक और समिति गठित की है।
असिस्टेंट प्रोफेसर के घर पर हमला और जांच
सितंबर 2025 में छात्र कुछ अज्ञात लोगों के साथ शराब पीकर असिस्टेंट प्रोफेसर के घर पहुंचा। उसने असिस्टेंट प्रोफेसर के परिवारजनों को गाली-गलौज और धमकियां दीं। पड़ोसियों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। असिस्टेंट प्रोफेसर ने बताया कि वह पिछड़ी जाति की गर्भवती महिला हैं और छात्र उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। जांच समिति ने सभी पक्षों से बयान लिए, लेकिन छात्र अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। विश्वविद्यालय ने छात्रहित में उसे शपथ पत्र देने की शर्त पर पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी थी। हालांकि, छात्र ने विश्वविद्यालय समिति के सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों को फोन पर धमकियां देना जारी रखा। वह मीडिया में भ्रामक सूचनाएं भी फैला रहा है। विश्वविद्यालय ने छात्र और उसके अभिभावकों को साक्ष्यों सहित अनुशासन समिति के समक्ष उपस्थित होने का अंतिम अवसर दिया है।