बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कई छात्र-छात्राओं ने स्नातक अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा तो पास कर ली, मगर बैक परीक्षाओं का परिणाम अटकने से अब परास्नातक में प्रवेश मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे भी कई निजी कॉलेज हैं, जो अपने यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों की बैक व नियमित परीक्षाओं के इंटरनल अंक की सूची नहीं दे सके, इसलिए इनके विद्यार्थियों का भी रिजल्ट रुका है।
परास्नातक में प्रवेश के लिए अब यह विद्यार्थी चक्कर काट रहे हैं। प्रवेश से वंचित रह जाने का डर सता रहा है। इस पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि बैक परीक्षा का रिजल्ट भी जल्दी जारी होगा। इंटरनल परीक्षा के अंक दर्ज करने के लिए जिन महाविद्यालयों की ओर से आवेदन आ रहे हैं, उनका भी संज्ञान लिया जा रहा है।
डीयू के छात्रों का भी रुका रिजल्ट
सोमवार को बरेली कॉलेज में पीजी की काउंसलिंग के लिए कई अभ्यर्थी ऐसे पहुंचे जिन्होंने स्नातक दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) से किया है। इनका रिजल्ट भी अब तक नहीं जारी हुआ है।मुख्य प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना शर्मा ने बताया कि करीब चार विद्यार्थी डीयू से आए हैं। रुविवि के भी कई छात्र प्रवेश के लिए पहुंचे। प्रवेश प्रक्रिया का समय बढ़ाने के लिए रुविवि को पत्र लिखा जाएगा।
परास्नातक के दूसरे चरण के आवेदन 27 जुलाई तक
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन पंजीकरण में सोमवार को काउंसलिंग की तिथि जारी कर दी गई है। दूसरे चरण के पंजीकरण की तिथि 21 जुलाई से 27 जुलाई तक तय की गई है। प्रथम चरण में पंजीकृत लेकिन किसी कारण से प्रवेश न लेने वाले व दूसरे चरण में पंजीकृत छात्रों की मेरिट लिस्ट तैयार कर नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर आरक्षित नियमों को लागू करने के निर्देश हैं। इस काम की अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की गई है।