बरेली। पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) आपूर्ति प्रभावित होने से वितरण प्रतिबंधों का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर पड़ा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बीते चार माह में सामान्य मासिक खपत के सापेक्ष डेढ़ लाख सिलिंडर कम वितरित हुए।
फरवरी के आखिरी सप्ताह में पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हुआ था। करीब 15 दिन बाद मार्च से वितरण संबंधी बंदिशें लागू होने लगी। अप्रैल से आपूर्ति पर भी असर पड़ने लगा। हालांकि अधिकारियाें ने वितरण व्यवस्था सुचारू होने का दावा किया था।
चार माह बाद पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इन चार महीनों में कुल 21,41,549 घरेलू सिलिंडर वितरित किए गए, जबकि सामान्य स्थिति में इस अवधि में करीब 22.88 लाख सिलिंडर वितरित होने चाहिए थे। हर महीने औसतन करीब 5.72 लाख घरेलू सिलिंडर वितरित किए जाते हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो करीब 1.46 लाख सिलिंडर की कमी रही। यानी प्रतिमाह औसत वितरण करीब 36 हजार सिलिंडर कम रहा। जिला कोऑर्डिनेटर सुशील वर्मा के मुताबिक पिछले माह युद्ध विराम के बाद कुछ बंदिशों से सरकार ने राहत दी है। वितरण सुचारू होने की उम्मीद है।
मांगलिक समारोह के लिए कार्ड लाओ, सिलिंडर पाओ से राहत : वैवाहिक और अन्य बड़े आयोजनों में व्यावसायिक गैस की जरूरत देखते हुए पूर्ति विभाग को अलग व्यवस्था करनी पड़ी। मांगलिक आयोजन का कार्ड लाने पर सिलिंडर उपलब्ध कराने के नियम से उपभोक्ताओं को काफी राहत मिली। दूसरी तरफ, व्यावसायिक सिलिंडर की खपत के सापेक्ष 20 फीसदी वितरण के नियम से औद्योगिक गतिविधि, होटल, रेस्टोरेंट व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए। आपूर्ति नियंत्रण के लिए खपत व स्टॉक के हिसाब से प्रबंधन करना पड़ा। पिछले माह व्यावसायिक सिलिंडर वितरण से सभी प्रतिबंध हटाने से कारोबारियों को राहत मिली है।