दिल्ली के रेस्टोरेंट में अग्निकांड के बाद बरेली वाले भी हैरत में हैं। वजह, यहां तमाम होटल व रेस्टोरेंट बेसमेंट व अन्य संकुचित जगहों पर संचालित किए जा रहे हैं। आधे से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट तो बिना एनओसी के रामभरोसे चल रहे हैं। 16 होटल रेस्टोरेंट ऐसे हैं, जिन्होंने नोटिस मिलने के तीन महीने बाद भी न तो कोई जवाब दिया, न ही व्यवस्था में कोई बदलाव किया है।
इन्होंने नहीं दिया जवाब
होटल सेटेलाइट, होटल राजानी, होटल सुदर्शन, पटेल कोणार्क होटल, बाबा जी गेस्ट हाउस सिविल लाइंस, द ग्रांड कैलाश होटल डोहरा रोड, बरेली होटल, अमृततारा होटल, गोल्ड स्टार गेस्ट हाउस, होटल अतिथि, दुआ बरातघर, शैल कृष्ण बरातघर, लक्ष्मी फार्म हाउस, मालगोदाम रोड के गोल्डन गेस्ट हाउस, रियो सिटी गेस्ट हाउस, केबीएस गेस्ट हाउस।
स्टेशन रोड और पीलीभीत बाइपास पर ज्यादा अराजकता
शहर में यूं तो 65 फीसदी से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट, बरातघर मानक विहीन हैं, पर जंक्शन रोड, मालगोदाम रोड पर अराजकता ज्यादा है। यहां लगभग सभी होटलों में बेसमेंट है और निकासी के लिए एक ही गेट है। कई जगह बेसमेंट में भी व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। पीलीभीत बाइपास पर होटल राजानी तो संकुचित जगह में मीनार जैसा खड़ा है। इसमें निकास के लिए एक ही गेट है। बताया जाता है कि अंदर जीना नहीं, केवल लिफ्ट ही है।