बरेली। डेंगू में प्लेटलेट्स की संख्या में तेजी से गिरावट होती है। इसे रोकने के लिए नैनो टेक्नोलॉजी आधारित फॉर्मूलेशन बनाने के रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तावित प्रोजेक्ट को उप्र विज्ञान परिषद ने स्वीकार कर लिया है। रुविवि के फार्मेसी विभाग के डॉ. कौशल किशोर व उनकी टीम इस पर कार्य करेगी। इसकी लागत 15 लाख है।
प्रोजेक्ट के तहत मानव रक्त के साथ ही प्रयोगशाला के जीवों पर परीक्षण किया जाएगा। यह शोध डेंगू मरीजों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है। डॉ. कौशल ने बताया इस प्रोजेक्ट के तहत पपीते के पत्ते में पाए जाने वाले ग्रीन सिंथेसिस और बकरी के दूध में पाए जाने वाले है सिलेनियम से नैनो पार्टिकल बनाएंगे। इसकी टेस्टिंग सबसे पहले प्रयोगशाला में वायरस पर होगी।
इसके बाद मानव रक्त और फिर चूहों पर की जाएगी। इस प्रोजेक्ट में डॉ. कौशल कुमार के साथ प्लांट साइंस विभाग के अध्यक्ष प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. शोभना सिंह भी शामिल हैं। संवाद