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Bareilly News: रुहेलखंड विवि में जैव ईंधन पर होगा शोध

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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में जैव ईंधन पर शोध किया जाएगा। भारत सरकार के एडवांस्ड नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की पीएआईआर योजना के तहत बायोफ्यूल उत्पादन में उन्नत सामग्रियों का उपयोग विषय पर शोध के लिए विवि को 10 करोड़ रुपये मिले हैं।
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राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना के अंतर्गत चयनित सात परियोजनाओं में एक रुहेलखंड विवि की भी है। रुविवि के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा शोध अनुदान है। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि यह अनुदान विवि की उत्कृष्ट अनुसंधान क्षमता, समर्पित टीम और बहुविषयक सहयोग का प्रमाण है। यह उपलब्धि विवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगी।
उन्होंने बताया कि वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रो. उपेंद्र कुमार ने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज बंगलूरू में इस शोध प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण किया था। प्रो. उपेंद्र के नेतृत्व में टीम अब इस परियोजना पर कार्य करेगी। टीम में अनुप्रयुक्त गणित विभाग के प्रो. नवीन कुमार, अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. एसके पांडे, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के डॉ. बृजेश कुमार, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के डॉ. अतुल कटियार और फार्मेसी विभाग के डॉ. अमित वर्मा शामिल हैं।
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अगले पांच वर्षों तक चलने वाली परियोजना मुख्य रूप से जैव ईंधन के उत्पादन में उपयोग होने वाली उन्नत सामग्रियों की पहचान और अनुप्रयोग पर केंद्रित रहेगी। इस शोध का उद्देश्य ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देना है। संवाद
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