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सिर्फ इलाज ही नहीं रिसर्च भी करें डाक्टर

Sun, 03 Apr 2016 01:33 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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एसअाआरएमएस में दीक्ष्‍ाांत समाराोह
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नए डॉक्टर के लिए देश में तमाम चुनौतियां भरी पड़ी हैं। गांवों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी है। ऐसे में देश को जरूरत है कि जो नए डॉक्टर निकलें वे सुलभ, सस्ती और उच्च स्तर की मेडिकल सुविधा देेने की कोशिश करें। लाइफ स्टाइल से होने वाली बीमारियों को दूर करने में सार्थक पहल करें। एसआरएमएस मेडिकल इंस्टीट्यूट के 5वें दीक्षांत समारोह में एसजीपीजीआई लखनऊ के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को केवल इलाज ही नहीं बल्कि रिसर्च से भी जुड़े रहना चाहिए।
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डॉ. कपूर ने कहा कि सुलभ, सस्ती और अच्छी मेडिकल सर्विस समय की मांग है। साथ ही चिकित्सा सेवा में आधुनिक तकनीक, दवाएं और संसाधन भी जरूरी है। भावी डॉक्टराें के लिए जरूरी है कि वे लाइफ स्टाइल से जुड़ी बीमारियाें को रोकने में आगे बढ़ें। इसके लिए काउंसलिंग करें, ताकि कम उम्र से ही लोग स्वस्थ्य जीवन जीना शुरू करें। इंस्टीट्यूट में रिसर्च को बढ़ावा मिले, यह समय की मांग है। कहा कि एक डॉक्टर क्लास रूम से निकलकर खुले क्लास में जा रहा है। इसलिए अपने छात्र माइंडसेट को जिंदा रखो, क्योंकि यह ऊर्जावान है और आगे काम आएगा। चिकित्सा क्षेत्र विज्ञान और मानवता का आधुनिक मिश्रण हैं। इसलिए हमेशा अपनी शपथ को याद रखो। समारोह में प्राचार्य डॉ. आरसी पुरोहित ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. मुशाहिद हुसैन ने नैनो तकनीक के बारे में बताया और नए डॉक्टरों को गांव में काम करने को प्रेरित किया। चेयरमैन देवमूर्ति ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि डिग्री लेकर निकल रहे डाक्टर देश की सेवा में योगदान का संकल्प लें। एमबीबीएस 2010 बैच के 82, पीजी 2012 बैच के 47 और पैरामेडिकल के 51 छात्रों को उपाधि दी गई। इस मौके पर एसआरएमएस की ट्रस्टी आशा मूर्ति, निदेशक आदित्य मूर्ति, रिचा मूर्ति, सुभाष मेहरा, प्रभाकर गुप्ता, फैकल्टी व छात्रों के अभिभावक मौजूद रहे। 

- गाउन नहीं सभी ने पहना उत्तरीय
दीक्षांत समारोह में सभी मेडिकल छात्रों, फैकल्टी व अतिथियों ने गाउन की जगह उत्तरीय पहना। अतिथियाें के लिए पीला, फैकल्टी के लिए लाल, पीजी छात्र मरून, यूजी छात्र नीला, पैरामेडिकल छात्र ने हरा उत्तरीय पहना। 
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 जब देवमूर्ति को बोले ‘चाचा’
पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर का बरेली से पुराना रिश्ता रहा है। वे नवाबगंज के रहने वाले हैं। उन्हाेंने दीक्षांत समारोह में चुटकी लेते हुए कहा कि मेरे सफेद बालों पर न जाएं, देवमूर्ति उनके चाचा हैं और वह उनसे बड़े हैं। यह सुनते ही पूरा हॉल ठहाकाें से गूंज उठा। 

 अनमोल कु मार अग्रवाल बने स्टार स्टूडेंट
एमबीबीएस के छात्र अनमोल कुमार अग्रवाल को तीन गोल्ड मेडल मिले और सम्मान राशि दी गई। उच्चतम अंक के लिए श्रीराममूर्ति गोल्ड मेडल व 51000 रुपये, सर्जरी में उच्च अंक के लिए डॉ. ओएन व्यास गोल्ड मेडल व 5000 रुपये व जनरल मेडिसिन में उच्च अंक के लिए डॉ. निर्मल यादव गोल्ड मेडल व 5000 रुपये का पुरस्कार मिला। 
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- ये रहे स्टार परफार्मर
एमबीबीएस- 2010- 2015
अनमोल कुमार अग्रवाल- तीन गोल्ड व सम्मान राशि 
नेनी अग्रवाल- गोल्ड व सिल्वर
अंशिका अरोरा- गोल्ड व ब्रॉंज
निधिका पांडेय- गोल्ड

पैरामेडिकल- 2012 बैच 
काजल महाजन- गोल्ड व सम्मान राशि
निशामा- सिल्वर
हिमानी गोस्वामी- ब्रोंज
नाज मुबिन- प्रशस्ति पत्र

पैरामेडिकल बैच 2011
राहुल वर्मा- गोल्ड व सम्मान राशि 
कपिल वैश्य - सिल्वर
यशवीर सिंह - ब्रॉंज
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