बरेली। जिस ड्रग वेयर हाउस का निर्माण अक्तूबर तक पूरा होना था, उसका काम महज तीन दिन पहले ही शुरू किया गया। अब डीएम के निर्देश पर लेटलतीफी व लापरवाही बरतने के आरोप में राजकीय निर्माण निगम की बरेली इकाई के पूर्व प्रभारी नवीन चंद्र लोहनी, इकाई प्रभारी दीपचंद्र पंत व सहायक अभियंता संजय कुमार चौधरी के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अवर अभियंता विवेक त्रिवेदी की तरफ से कोतवाली में उक्त आरोपियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें बताया गया है कि क्यारा ब्लॉक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास ड्रग वेयर हाउस बनाया जाना है। इसके लिए शासन स्तर से राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था चुना गया था। प्रोजेक्ट के लिए 9.29 करोड़ स्वीकृत हुए थे। इसमें 18 जनवरी 2022 को निर्माण निगम की बरेली इकाई द्वारा 1.03 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त की गई। कार्यदायी संस्था ने टेंडर कर दिए।
जब काम करने गए तो जमीन को लेकर ग्रामीणों ने विवाद शुरू कर दिया। इस मामले में अदालत में मुकदमा चल रहा है। इसके बाद क्यारा ब्लॉक में ही दूसरी जगह तलाशकर राजकीय निर्माण निगम की बरेली इकाई को हैंडओवर कर दी गई। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा 24 फरवरी को ड्रग वेयर हाउस का ले आउट प्लान अनुमोदित करके निर्माण निगम को दे दिया गया। निगम की तरफ से 29 फरवरी 2024 को आर्किटेक्ट के पास भेजा गया व 22 जून को नक्शा प्राप्त किया गया। जबकि यह काम महज दस दिन का था। ड्रग वेयर हाउस नौ महीने में बनना था। जांच में माना गया कि राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियर लागत बढ़ाने के लिए देरी करते रहे।
ऐसे खुली पोल
22 जुलाई को डीएम जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर बैठक कर रहे थे। इसमें सबसे कम प्रगति ड्रग वेयर हाउस की मिली। इस पर डीएम ने विकास भवन के दो अधिकारियों व तीन इंजीनियरों की टीम बनाकर मौके पर भेजकर काम की जांच कराई। पता लगा कि काम अभी 22 जुलाई को शुरू किया गया है। इसके बाद उन्होंने राजकीय निर्माण निगम के इंजीनियरों पर कार्रवाई के निर्देश दिया। संवाद