बरेली। जन्मतिथि गलत दर्शाने पर अदालत के आदेश पर दुष्कर्म पीड़िता व उसकी मां, भाई के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता की मां ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराते समय उसकी जन्मतिथि गलत दर्शा दी थी।
करगैना में रहने वाली महिला ने पास में ही काॅलोनी के रहने वाले युवक के खिलाफ 19 दिसंबर को अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की रिपोर्ट सुभाष नगर थाने में दर्ज कराई थी। महिला ने पीड़िता की उम्र 16 साल दिखाई थी। साथ ही मुकदमे की विवेचना के दौरान 20 जुलाई 2007 जन्मतिथि दिखाते हुए हाईस्कूल की मार्कशीट दाखिल की। दुष्कर्म आरोपी की तरफ से अदालत में बताया गया कि पीड़िता के पिता की 2003 में बदायूं में हत्या कर दी गई थी। हत्या करने वाला मोहर सिंह को 2005 में आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है। जब दुष्कर्म पीड़िता के पिता की मौत 2003 में हो चुकी है तब 2007 में उसका जन्म कैसे हुआ। जबकि पीड़िता की मां ने दूसरा विवाह भी नहीं किया। फर्जी जन्मतिथि लगाने का आरोप साबित होने पर अदालत ने पीड़िता पक्ष के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। कोतवाली पुलिस ने अब पीड़िता व उसकी मां व भाई के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब फर्जी मार्कशीट बनाने वालों पर भी पुलिस शिकंजा कसेगी। संवाद