बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय का पीछे वाला गेट तोड़कर डोहरा गौंटिया के कुछ लोग परिसर में घुस आए थे। विरोध पर सुरक्षाकर्मियों व अन्य कर्मचारियों से अभद्रता की थी और वहां लगे गमले भी तोड़ दिए थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। वहीं शुक्रवार को विवि के कुलसचिव की तरफ से एक रिपोर्ट आरोपियों पर दर्ज की गई है। अधिकारी ने इन लोगों से खतरा जताते हुए भविष्य में भी कोई घटना होने की आशंका जताई है।
महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का पीछे वाला गेट डोहरा गौंटिया इलाके की तरफ खुलता है, जो पिछले कुछ दिनों से बंद चल रहा है। विवि कर्मचारियों के मुताबिक, यह लोग इस रास्ते पर कब्जा कर अपना आम रास्ता बनाना चाहते हैं। पहले भी कई बार इसे लेकर विवाद हो चुका है। बृहस्पतिवार की दोपहर इलाके के नवीन, रघुवीर, संतोष, कमल किशोर, ब्रजपाल, संघप्रिया गौतम, हरीश, शिशुपाल, सोनी के नेतृत्व में करीब 60-70 लोग वहां पहुंचे और गेट तोड़कर लाठी-डंडे लेकर अंदर घुस आए। सुरक्षा कर्मियों व अन्य कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो सभी ने उनसे मारपीट की। वहां रखे गमले भी तोड़ दिए। भीड़ देख परिसर में रहने वाले अन्य कर्मचारी भी पीछे हट गए। कुलसचिव ने भविष्य में भी इन लोगों से खतरे की आशंका जताते हुए पुलिस से इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
स्थायी रूप से बंद हो सकता है डोहरा गौंटिया की ओर खुलने वाला रास्ता
बरेली। डोहरा गौंटिया गांव के लोगों द्वारा विश्वविद्यालय गेट तोड़े जाने और विश्वविद्यालय कर्मियों से मारपीट की घटना के दूसरे दिन एसडीएम, एसपी सिटी व डिप्टी एसपी आदि कुलपति से मिलने और स्थिति का जायजा लेने विश्वविद्यालय पहुंचे। इस दौरान इन अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कुलपति प्रो. अनिल शुक्ला ने घटना पर चिंता जताते हुए इसे कानून व्यवस्था के लिए चुनौती करार दिया। इस पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान डोहरा गौंटिया गांव की ओर खुलने वाले छोटे रास्ते को स्थायी रूप से बंद करने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा का खतरा बताते हुए इस गेट को स्थायी रूप से बंद कराने की मांग की है। इस पर अधिकारियों ने जांच के बाद कोई ठोस फैसला लेने की बात कही है। ब्यूरो