कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में कानून ताक पर रखकर कराए गए बाल विवाह के मामले में दरोगा की ओर से दोनों बच्चों के माता-पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। उन्हें थाने बुलाकर पूछताछ की गई तो बहाना बनाया कि दादी की तबीयत खराब होने के चलते विवाह कराया गया। एएसपी अभिमन्यु मांगलिक ने दोष मिलने पर गिरफ्तारी करने के भी निर्देश दिए हैं।
फरीदपुर के एक गांव में गुपचुप तरीके से बुधवार रात बाल विवाह कराया गया। गुरुवार सुबह बरात की विदाई भी हो गई। लड़का 12 वर्ष तो लड़की 10 वर्ष की है। मामला सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। एएसपी ने बुलाया तो परिवार वालों ने बताया कि अभी लड़की की विदा नहीं की है। लड़की की दादी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण ऐसा करना पड़ा।
दादी की इच्छा थी कि उनके जीते जी पोती के हाथ पीले हो जाएं। उनकी जिद पर रिश्ता तय करके विवाह करना पड़ा। परिवार वालों ने स्वीकार किया कि बाल विवाह तो करा दिया पर कहा कि बच्ची की विदा उसके बालिग होने पर ही की जाएगी। एएसपी के निर्देश पर हलका दरोगा शाहिद खां ने दोनों बच्चों के माता-पिता समेत चार लोगों पर बाल विवाह अधिनियम की धारा 11 के तहत रिपोर्ट लिखवा दी।