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दामाद समेत आठ पर दोहरे हत्याकांड की रिपोर्ट, दर्जन भर से ज्यादा हिरासत में

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गांव में तैनात फोर्स। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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गांव में तनावपूर्ण शांति, कड़ी सुरक्षा में सुपुर्दे खाक हुए दोनों के शव
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दोनों पक्षों की गांव में हैं कई रिश्तेदारी, अधिकांश घरों से पुरुष गायब

नवाबगंज (बरेली)। जरेली गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में दामाद और उसके भाइयों समेत आठ के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। तनाव के चलते गांव में बड़ी तादाद में फोर्स तैनात है। रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों शवों को सुपुर्दे खाक कराया गया। वहीं पुलिस ने दर्जन भर से ज्यादा को हिरासत में लिया है।
नवाबगंज के गांव जरेली में पति-पत्नी अजहर अली और शमा परवीन के बीच चल रहे विवाद के निपटारे को बैठी पंचायत के बाद शनिवार को पति पक्ष की ओर से फायरिंग कर दी गई थी, इसमें शमा के पिता हैदर अली और उनके बड़े भाई बीडीसी सदस्य गुलशन अली की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा शमा की मां हुनका बानो, चाची शबीना, नफजर अली, सुल्तान अली, शकील, अनवर अली, शफी हैदर, फरमान हैदर, आशिक अली और मुजस्सर अली घायल हो गए थे। सभी का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस मामले में शमा के भाई गुलाब हैदर ने बहनोई अजहर अली, उसके भाई मंजर अली, सरवर अली, उसके पिता जकी हैदर, बहनोई कलीम हैदर, जैकी, जरी हैदर और चांद बाबू के खिलाफ हत्या, बलवा, जानलेवा हमला, दहेज उत्पीड़न आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पोस्टमार्टम के बाद रविवार को दोपहर बाद हैदर अली और गुलशन अली के शव गांव पहुंचे। तनाव की आशंका के चलते सीओ नवाबगंज दिलीप कुमार और इंस्पेक्टर धनंजय सिंह बड़ी तादाद में फोर्स के साथ गांव में मौजूद थे। इस दौरान कड़ी निगरानी में ही दोनों के शव सुपुर्दे खाक किए गए।

वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल

मामले में अब तक पुलिस किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसके चलते दबाव बनाने के लिए उनके दर्जन भर से ज्यादा रिश्तेदार पकड़कर थाने में बैठाए गए हैं। दोनों ही पक्षों की गांव में कई रिश्तेदारियां हैं। इसके चलते लोग इस विवाद पर बात करने से बच रहे हैं, लेकिन पुलिस की दहशत के चलते अधिकांश घरों से पुरुष नदारद हैं।

पूरे शरीर में छर्रे, एक-एक गोली भी लगी

नवाबगंज (बरेली)। दोहरे हत्याकांड के बाद जरेली गांव के लोग अब पुराने रंजिश वाले दौर को लेकर फिक्रमंद हैं। उनका कहना है कि कहीं ऐसा न हो कि गांव के युवा फिर खुराफात के रास्ते पर चल पड़ें।
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गांव वालों के मुुताबिक करीब 1800 की आबादी वाले जरेली गांव का पुराना दौर अच्छा नहीं रहा है। आपसी विवाद में यहां फायरिंग हो जाना आम बात थी। गांव में जकी हैदर नाम का एक हिस्ट्रीशीटर भी रहता था, जिसे करीब छह साल पहले डकैती के दौरान एक फौजी की पत्नी ने मार गिराया था, मगर धीरे-धीरे यहां का दौर बदला। युवा पीढ़ी ने रोजगार की तलाश में दिल्ली, जयपुर का रुख किया और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया। इससे गांव का माहौल पहले की अपेक्षा काफी बदल गया, मगर शनिवार को हुए दोहरे हत्याकांड ने लोगों को एक बार फिर पुराने दौर की याद दिला दी। इस वारदात को अंजाम देने वाले युवा ही हैं, जिसके चलते लोगों को डर है कि यह घटना फिर से गांव में पार्टीबंदी और विवादों को न बढ़ा दे।

तनाव के चलते गांव में फोर्स तैनात की गई है। रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। - दिलीप सिंह, सीओ नवाबगंज

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