हाफिजगंज। पीलीभीत के एलएच ग्रुप से बातचीत टूटने के बाद ओसवाल चीनी मिल को अब रेणुका ग्रुप खरीदेगा। बृहस्पतिवार को किसानों को ढाई करोड़ रुपये का भुगतान कर चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ हुआ। जल्द ही 50 करोड़ बकाया भुगतान का आश्वासन किसानों को दिया गया।
ओसवाल चीनी मिल के पास सिर्फ पांच करोड़ की चीनी है। छह माह से मिल को पीलीभीत की एलएच मिल द्वारा खरीदने की चर्चा तेज थी, लेकिन बात नहीं बन पाई। इससे ओसवाल मिल पर संकट गहराया। किसानों को मिल पर बकाया रुपये मिलने की आस भी अधर में अटक गई। फिर मिल कर्मियों और केन कमिश्नर के बीच बातचीत हुई। तब रेणुका ग्रुप से बात हुई। इन्होंने शेयर ट्रांसफर करने के लिए 45 दिन का समय मांगा। शर्त है कि इस अवधि में मिल संचालित रहे। शेयर हस्तांतरण के बाद मिल का रेणुका ग्रुप में विलय हो जाएगा। लिहाजा, ओसवाल ग्रुप ने किसानों के करीब ढाई करोड़ रुपये का भुगतान कर मिल का शुभारंभ कर दिया है।
मिल के जीएम वीएन मिश्रा ने कहा कि ओसवाल मिल को रेणुका ग्रुप खरीदेगा। इससे पूर्व किसानों को पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इधर, विधायक डॉ. एमपी आर्या ने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत हो गई है। संबंधित ग्रुप तय समय सीमा में चीनी मिल को खरीद कर भुगतान कर देगा। संवाद