बरेली। सावन के पहले सोमवार पर नाथ नगरी में कांवड़ियों का हुजूम उमड़ा। सुबह से देर रात तक डेढ़ सौ से अधिक कांवड़ियों के जत्थे और श्रद्धालुओं ने मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का पूजन और जलाभिषेक किया। बम-बम भोले करते गुजरते कांवड़ियों के जत्थों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कहीं डीजे की धुन पर थिरकते शिव भक्त तो कहीं ओतप्रोत आस्था। शिवभक्तों का हुजूम नाथ नगरी में केसरिया सैलाब बनकर पहुंचा।
रविवार शाम ही कांवड़ियों के तमाम जत्थे मंदिरों तक पहुंच गए थे। सोमवार तड़के से ही भोलेनाथ के जयकारों के साथ जलाभिषेक शुरू हो गया। शहर में कई जगह कांवड़ियों का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। मंदिर में खुराफातियों पर निगाह रखने के लिए पुलिस फोर्स मंदिर के अंदर और बाहर मौजूद रही। सिविल डिफेंस के आईसीयू बृजेश पांडे ने बताया कि सभी मंदिरों पर वार्डन, पोस्ट वार्डन तैनात रहे। प्रत्येक नाथ मंदिर पर करीब 60 वार्डन तैनात थे। अनुमान के मुताबिक शाम तक एक लाख से अधिक कांवड़ियों ने बाबा का जलाभिषेक किया।
पूजन सामग्री के बढ़े भाव, मेले सा रहा नजारा
भक्तों की भीड़ को देखते हुए दुकानदारों ने पुष्प, भांग, दीपक, बेर, बेल पत्र समेत दूध और प्रसाद के भाव बढ़ा रखे थे। तीन पत्तों वाले बेल पत्र दो से तीन रुपये प्रति पत्र बिके। मंदिरों के बाहर लगे मेले में पहुंचकर भक्तों ने चाट पकौड़ी आदि खाद्य पदार्थों का आनंद लिया। वहीं बच्चों ने गुब्बारे व अन्य खिलौने खरीदे। मंदिरों में पैकेट में दूध लाने की पाबंदी के बाद तमाम भक्त शिवलिंग पर पैकेट से दूध चढ़ाते नजर आए।
धोपेश्वर नाथ मंदिर- यहां रात से ही पहुंचे कांवड़ियों ने तड़के करीब तीन बजे कपाट खुलने पर भोलेनाथ पर जल अर्पित किया। इनके बाद स्थानीय लोगों ने भगवान का जलाभिषेक किया। आचार्य घनश्याम शास्त्री ने भक्तों को पूजन कराया। बाबा का विशेष रुद्राभिषेक भी किया गया।
अलखनाथ मंदिर- मध्यरात्रि में भस्म शृृंगार के बाद तड़के करीब ढाई बजे कांवड़ियों ने बाबा का जलाभिषेक शुरू किया। रात में कई जत्थे मंदिर में पहुंचे, सुबह भक्तों की संख्या बढ़ती गई। भीड़ होने से भक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ा। महंत कालु गिरि ने भक्तों को आशीर्वाद दिया।
मढ़ी नाथ मंदिर- सुबह सवा चार बजे ही पहुंचे कांवड़ियों ने सबसे पहले पूजन अर्चन किया। सुबह तीन बजे मंदिर खोल कर यहां व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। नाथ मंदिरों में शामिल इस मंदिर में सैकड़ों कांवड़ियों ने भगवान का रुद्राभिषेक कर प्रसाद ग्रहण किया।
वनखंडी नाथ मंदिर- तड़के मंदिर में पूजन-अर्चन के बाद भक्तों ने भगवान का जलाभिषेक किया। पहले से पहुंचे कांवड़ियों ने भगवान को जल चढ़ाया। दिन निकलते ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। महंत कुमार आनंद व मंदिर कमेटी की देखरेख में हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
पशुपति नाथ मंदिर- पीलीभीत बाईपास रोड किनारे स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में तड़के चार बजे से भक्तों का आना शुरू हुआ। सर्वप्रथम भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक हुआा। फिर कांवड़ियों के जत्थे भी जल चढ़ाने पहुंचे। भक्तों की भीड़ मंदिर में बढ़ती गई। देर शाम तक भक्तों ने दर्शन कर जल अर्पित किया।
तपेश्वर नाथ मंदिर- मंदिर समिति की ओर से कांवड़ियों के लिए हुए विशेष इंतजाम के तहत रात को ही सैकड़ों कांवड़िये मंदिर पहुंच गए थे। तड़के करीब तीन बजे ही मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने प्रदोष पूजन, अनुष्ठान करवाया।
त्रिवटी नाथ मंदिर- सुबह चार बजे मंदिर में शिव पूजन शुरू हो गया। मंदिर परिसर में ठहरे कांवड़ियों ने बाबा का जलाभिषेक किया। फिर श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाया। पुजारी पं. मनोज ने बताया कि यहां भक्तों को दर्शन कराने के लिए मंदिर प्रबंध कमेटी ने विशेष इंतजाम किए हुए थे।
जलाभिषेक शोभायात्रा निकाली
नाथ नगरी बरेली जलाभिषेक समिति की ओर से चल रहे रुद्राभिषेक कार्यक्रम के चौथे चरण में जलाभिषेक शोभायात्रा निकाली गई। भक्तों ने सिद्धियोग के शुभ अवसर पर बाबा तपेश्वरनाथ में भस्म शृंगार किया। शुुरुआत श्यामगंज स्थित सेठ गिरधारी लाल मंदिर से मनोज देवल के नेतृत्व में हुई। गणेश स्तुति, हनुमान चालीसा के पाठ के बाद गंगाजली और नंदी ध्वज लेकर शिव भक्त रवाना हुए। यात्रा का गिहार समाज, तपेश्वनाथ मंदिर सेवादल, शिव सेना ने पुष्पवर्षा से स्वागत किया।
प्रेम और सौहार्द का दिया संदेश
कौमी एकता संगठन ने अफरोज मियां उर्फ मुल्ला जी के नेतृत्व में त्रिवटीनाथ मंदिर पर शाहजहांपुर से आए कांवड़ियों का पुुष्पवर्षा से स्वागत किया। इस दौरान सैफी उल्ला अंसारी, विशाल आहूजा, साबिर हसन खां, फैजान अंसारी व अन्य मौजूद रहे। वहीं समाज सेवा मंच की ओर से चौबारी स्थित रामगंगा के पास शिव मंदिर के पास शिवभक्तों का फूलों से स्वागत किया गया। यहां महेश पंडित, शादाब नियाज, रशीद मियां, रजत अग्रवाल, नावेद खान, मुनीर शहजाद मौजूद रहे। वहीं नरेंद्र मोदी यूथ ब्रिगेड ने अलखनाथ मंदिर में कांवड़ियों व श्रद्धालुओं को शर्बत बंाटा।
बाबा तपेश्वनाथ में हुई महाआरती
सावन के पहले सोमवार पर नाथ नगरी मंदिरों में शाम को महाआरती का आयोजन हुआ। शिव सेना ने बाबा तपेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। शाम को शंखनाद के साथ बाबा तपेश्वरनाथ और मढ़ीनाथ की 101 दीप जलाकर महाआरती उतारी गई। जिला प्रमुख बंटू सिंह ने बताया कि बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए 27 कांवड़ियां रक्षक नियुक्त हुए हैं, जो कांवड़ियों की हरसंभव मदद करेंगे।