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उर्स-ए-ताजुश्शरिया के दूसरे रोज भी रुके रहे जायरीन

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बरेली। उर्स-ए-ताजुश्शरिया का रंग दूसरे रोज भी शहर पर चढ़ा रहा। दरगाह शरीफ पर भारी रौनक बनी रही। दिन भर मजार शरीफ पर जायरीन की हाजिरी का सिलसिला लगा रहा। शहर में भी चलहकदमी बनी रही।
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ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) का दो रोजा उर्स बुधवार को संपन्न हो गया। इसमें तमाम ऐसे जायरीन थे, जो उर्स बाद रुक गए। इसमें वह लोग रहे जो गत दिवस ताजुश्शरिया की मजार पर हाजिरी नहीं दे पाए थे या जिन्हें मुरीद होना था। काफी लोग जुमेरात होने की वजह से हाजिरी के लिए भी रुके। बहरहाल, बृहस्पतिवार को भी दरगाह पर जायरीन का खासा जमावड़ा रहा। उर्स में शिरकत करने आए जायरीन ने हजरत ताजुश्शरिया सहित आला हजरत, मुफ्ती आजम हिंद और यहां तमाम बुजुर्गों की मजार शरीफ हाजिरी देकर अकीदत का नजराना पेश किया।
मीडिया प्रभारी समरान खान ने बताया कि दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन एवं काजी उल कुज्जात मुफ्ती असजद रजा खां कादरी से मुरीदों ने मिलकर बैत हासिल की। गत दिवस उर्स के बाद जामियतुर्रजा पर भी काफी संख्या में लोग उनसे मुरीद हुए थे। उधर, उर्स प्रभारी सलमान हसन खान ने उर्स में सहयोग करने वाले तमाम लोगों को शुक्रिया अदा किया है। इधर, देर रात तक असजद मियां की ओर से शहर के कई पिछड़ा इलाकों में लंगर बांटने का सिलसिला जारी रहा।
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इसी तरह आला हजरत दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी से भी उनके निवास पर जायरीन ने मुलाकात कर दुआएं हासिल कीं। इसके अलावा तमाम जायरीन शहर के बाजारों में घूमते और खरीदारी करते भी नजर आए। देर शाम तक जायरीन की वापसी भी होती रही।
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