बरेली। ताजुश्शरिया का उर्स दरगाह आला हजरत पर भी मनाया गया। यहां शाम को रजा मस्जिद में दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां कादरी (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ्त अहसन रजा खां कादरी की सदारत में ताजुश्शरिया हजरत अजहरी मियां के कुल की रस्म अदा की गई। इसमें मुफ्ती सलीम नूरी ने ताजुश्शरिया की जिंदगी पर रोशनी डाली। इससे पहले दरगाह शरीफ पर सुबह कुरान ख्वानी हुई और नातो मनकबत पेश की गई। कुल के बाद सुब्हानी मियां ने जायरीन के बीच मजार की 30 हजार चादरों को बतौर तबर्रुक बांटा। इसके अलावा जायरीन के लिए सुब्हानी मियां की ओर से दो दिन लंगर का भी आयोजन किया गया।
नूरी मेहमानखाने में मनाय उर्स
बरेली। दरगाह आला हजरत स्थित नूरी मेहमानखाने में भी ताजुश्शरिया का उर्स मनाया गया। इसमें मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने हजरत ताजुश्शरिया की शख्सियत पर रोशनी डाली गई। मौलाना सईद नूरी ने ताजुश्शरिया के कारनामों और दीनी खिदमात का जिक्र किया। कारी अब्दुर्रहमान जियायी ने ताजुश्शरिया की किताबों पर चर्चा की और मुफ्ती इंसाफ रजा नूरी ने उनकी नातिया शायरी और दीवान सफीनाए बख्शिस का जिक्र किया। इस दौरान मौलाना अब्बास रजवी, हाफिज मुजाहिद हुसैन, नूरी मियां ने कलाम पेश किया। आखिर में कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।
विदेशों में भी मनाया गया उर्स
बरेली। ताजुश्शरिया हजरत मुफ्ती अख्तर रजा खां कादरी का उर्स उनके मुरीदों ने विदेशों में मनाया। जहां उनके कुल शरीफ की रस्म अदा की। मीडिया प्रभारी समरान खान ने बताया कि देर शाम तक मदीना शरीफ सऊदी अरब, साऊथ अफ्रीका, दुबई, पाकिस्तान, इंग्लैंड, मिस्र, जिंबावे और भारत के कई शहरों से उर्स मनाए जाने की सूचना मिली है।
लगाया निशुल्क मेडिकल कैंप
बरेली। चिकित्सक डा. अनीस बेग की ओर से उर्स ताजुश्शरिया के मौके पर जामियतुर्रजा में निशुल्क मेडिकल कैंप लगाया गया। दो दिनों तक चले इस कैंप में हजारों मरीजों को मेडिकल सुविधा दी गई। इसमें राशिद, डा. अजीज, डा. अशरफ, डा. जाकिर, डा. आलम, डा. रेहान और डा. गोपाल आदि ने अपनी सेवाएं दीं।
उर्स में इनका रहा सहयोग
उर्स संपन्न कराने में उर्स कोर कमेटी का बड़ा योगदान रहा। इस कमेटी में समरान खान, शमीम खां सुल्तानी, डा. मेंहदी हसन, शमीम अहमद, हाफिज इकराम, मोइन खां, अब्दुल्ला, बख्तियार रजा, दानिश रजा, नबी रजा, रेहान अजहरी, वसीम, शइबुद्दीन, नवेद अहसद, मोहम्मद रजा आदि का सहयोग रहा।