बरेली। ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां अजहरी मियां के उर्स की दो महीने पुरानी अनुमति प्रशासन के रद्द किए जाने के बाद उर्स कमेटी ने मथुरापुर के इस्लामिक स्टडी सेंटर में उर्स की अनुमति ली लेकिन फिर खुद ही उलझ गई। देर शाम उर्स प्रभारी ने एलान किया कि अवाम नहीं चाहती कि ताजुश्शरिया का उर्स मथुरापुर में किया जाए। इसी के साथ मथुरापुर में उर्स की तैयारियों से भी हाथ खींचने की घोषणा कर दी गई। इसके बाद देर रात तक ताजुश्शरिया के जानशीन मुफ्ती असजद रजा खां की मौजूदगी में दरगाह आला हजरत पर मंत्रणा चलती रही लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका।
ताजुश्शरिया का विसाल पिछले साल 20 जुलाई को हुआ था। जमात रजा मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन खान की अर्जी पर सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से दो महीने पहले नौ मई को इस्लामिया ग्राउंड पर नौ और दस जुलाई को ताजुश्शरिया के उर्स का आयोजन करने की अनुमति दे दी थी। हाल ही में हिंदू संगठनों ने उर्स को नई परंपरा बताते हुए इसका विरोध किया और यह मामला शासन तक पहुंचा दिया तो जिला प्रशासन ने बैकफुट आते हुए शनिवार को इस्लामिया ग्राउंड पर दी गई उर्स की अनुमति रद्द कर दी और उसकी तैयारियां रुकवाकर वहां फोर्स भी तैनात कर दिया। इसके बाद शनिवार से ही जो नाटकीय घटनाक्रम शुरू हुआ, वह रविवार को देर रात तक जारी रहा। रविवार की शाम जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि उर्स प्रभारी सलमान हसन खान की अर्जी पर मथुरापुर के इस्लामिक स्टडी सेंटर पर उर्स की अनुमति दे दी गई। लेकिन तमाम शर्तों के साथ इस अनुमति में यह भी शर्त शामिल थी कि उर्स सिर्फ एक बार होगा और इसे आगे परंपरा नहीं बनाया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन की अनुमति में शामिल इस शर्त की जानकारी होने के बाद उर्स कमेटी को एक और झटका लगा। इसके बाद मथुरापुर में उर्स की तैयारियों से हाथ खींचते हुए फिर लखनऊ और दिल्ली के अपने सियासी संपर्कों से बात शुरू कर दी गई। दरगाह पर जिम्मेदारों के बीच लगातार देर रात तक मंत्रणा चलती रही लेकिन फिर भी कोई हल तलाश नहीं किया जा सका। हालांकि शनिवार तक यह कहा जा रहा था कि घोसी गए ताजुश्शरिया के जानशीन असजद मियां के लौटने के बाद इस मुद्दे पर कोई साफ फैसला लिया जाएगा। रविवार को असजद मियां बरेली पहुंच गए लेकिन उन्होंने भी इस मुद्दे पर कोई रुख साफ नहीं किया, जिसकी वजह से असमंजस बना रहा।
चोटीकटवा बीच में कूदा तो शुरू हुई रिजवी बनाम नकवी की बहस
ताजुश्शरिया के उर्स पर विवाद खड़ा होने के बाद निदा खान और फरहत नकवी को चोटी काटने की धमकी देने वाला आल इंडिया फैजाने मदीना कौंसिल का अध्यक्ष मोइन नूरी भी इसमें कूद पड़ा। मोइन नूरी ने इस मामले में पहले शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी से फोन पर बात की और दरगाह के जिम्मेदारों से संपर्क किया। इसके बाद उर्स प्रभारी सलमान हसन खान की भी कई बार वसीम रिजवी से फोन पर बात हुई। वसीम रिजवी उर्स की अनुमति का मामला सुलझाने के लिए सक्रिय हुए तो इसी बीच मोइन नूरी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से भी फोन पर बात कर ली और उनसे भी दरगाह के लोगों का संपर्क करा दिया। आखिर इस मामले में वसीम रिजवी से कोई खास मिल पाई न ही मुख्तार अब्बास नकवी से।
युवक ने की केरोसिन डालने की कोशिश
उर्स पर विवाद के दौरान एक युवक ने प्रशासन की ओर से अनुमति खारिज किए जाने के विरोध में खुद पर केरोसिन डालकर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे रोक लिया। बताया जाता है कि यह युवक एक बोतल में मिट्टी का तेल लेकर पहुंचा था। पहले तो उसने कहा कि उर्स इस्लामिया ग्राउंड पर होना चाहिए। प्रशासन की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोगों का ध्यान उस पर गया तभी उसने बोतल में भरा मिट्टी का तेल अपने ऊपर उलट लिया। पूरा तेल शरीर पर डाल पाने से पहले ही लोगों ने उसे रोक लिया और बोतल छीन ली।