बरेली। निशुल्क यूनिफार्म वितरण में शासन स्तर पर गोलमाल और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताए जाने के बाद जिले में इसकी निगरानी के लिए टास्क फोर्स बनाकर अधिकारियों की फौज मैदान में उतार दी गई है। टॉस्क फोर्स को ड्रेस को धुलवाकर उसकी गुणवत्ता परखेगी। इसमें अगर कपड़े का रंग फीका पड़ा तो फिर नोडल अधिकारी की धुलाई होना तय है।
शासन का जिले में 15 जुलाई तक यूनिफार्म वितरण पूरा करने का निर्देश हैं। यूनिफार्म खादी मानकों के अनुरूप बनाने को कहा गया है। बताया जाता है कि अबकी बार प्रति यूनिफार्म तीन सौ रुपये का बजट दिया गया है। जिले में परिषदीय विद्यालयों के करीब डेढ़ लाख विद्यार्थियों को हर छात्र को दो सेट यानी कुल मिलाकर तीन लाख यूनिफार्म बांटी जाएंगी। इसके लिए जिले को करीब नौ करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। बजट जारी करने के बाद हाल ही शासन को दर्जी/ स्वयं सहायता समूह के चयन में बड़े स्तर पर धांधली की शिकायतें मिली हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने वितरण प्रक्रिया में धांधली किए जाने पर बीइओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई और वसूली किए जाने के निर्देश दिए हैं। प्रमुख सचिव के पत्र के बाद अब जिले में प्रशासन ने टास्क फोर्स का गठन किया है। जो यूनिफार्म निर्माण समेत वितरण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
अभिभावकों से लेंगे फीडबैक
यूनिफार्म धुलवाने के अलावा बच्चों को वितरित की जाने वाली यूनिफार्म की गुणवत्ता अच्छी है या खराब, ये सवाल अभिभावकों से भी पूछा जाएगा। अगर अभिभावकों ने गुणवत्ता को खराब बताया तो संबंधित अधिकारी यूनिफार्म निर्माण करने वाली संस्था, कपड़े खरीदने के लिए तय कमेटी और उसका सत्यापन करने वाले अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब न देने पर शासन स्तर से कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
टास्क फोर्स को 31 जुलाई तक हर हाल में यूनिफार्र्म वितरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। गुणवत्ता की परख के लिए सीडीओ ने टॉस्क फोर्स गठित कर निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है।
- तनुजा त्रिपाठी, बीएसए