बरेली। अखिल विश्व गायत्री परिवार चेतना के तत्वाधान में आयोजित 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं समूह साधना के तीसरे दिन सामूहिक योग जप-हवन के साथ शुरू हुआ। सोमवार को विभिन्न प्रकार के संस्कार हुए, जिसमें दीक्षा संस्कार, गर्भाधान संस्कार, पुंसवन संस्कार, विद्यारंभ संस्कार आदि प्रमुख रहे।
शांतिकुंज से आए प्रतिनिधि टोली नायक योगीराज बल्की ने कहा कि बच्चा अपनी मां के गर्भ में ही 90 प्रतिशत ज्ञान प्राप्त कर लेता है। इसलिए महिलाओं को गर्भाधान संस्कार अवश्य कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की सभी समस्याओं की मूल जड़ व्यक्ति की दुर्बुद्धि जनित दुश्चिंतन है। इसका समाधान सद्बुद्धि युक्त सद््िचन्तन है, जिससे सद्चरित्र महामानव पैदा होते है। विशाल पुस्तक मेले में सोमवार को भी खूब भीड़ रही। शाम को प्रज्ञा पुराण के तीसरे अध्याय के साथ ही दीप यज्ञ में ढाई हजार दीपक जलाए गए, जिससे पूरा यज्ञ स्थल रोशनी में नहा उठा। मंगलवार को सामूहिक यज्ञ के साथ पूर्णाहुति एवं टोली की विदाई होगी।