बरेली। हजरत शाह वासिल शहीद उर्फ पहलवान साहब के चार रोजा उर्स-ए-वासिल का आगाज हो चुका है। उर्स की तकरीब नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां की सरपरस्ती में अदा की जा रहीं हैं।
नावल्टी स्थित दरगाह शरीफ पर उर्स-ए-वासिल की तकरीब रविवार सुबह कुरान ख्वानी से हुई। रात में मदरसे के तुलबा का तकरीरी मुकाबला हुआ। इसमें उन्होंने ‘आला हजरत इमाम अहमद रजा और इस्लाहे माशरा’ विषय पर तकरीर की। जो देर रात तक जारी रही। इसमें सदारत शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम की रही और निगरानी दरगाह कमेटी के प्रबंधक डॉ. नफीस खां की रही। दरगाह कमेटी के प्रबंधक डॉ. नफीस ने बताया कि सोमवार शाम छह बजे संदल पेश किया जाएगा। जलसा रात नौ बजे से शुरू होगा। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद का कुल होगा। 19 नवंबर को पहलवान साहब के कुल की रस्म अदा की जाएगी। उर्स की व्यवस्था में मोहम्मद शफी, इमरान रजा खां, नोमान रजा खां, फरहान रजा खां, शहजाद पठान नियाजी, वासिफ यार खान आदि का सहयोग रहा।