बरेली। गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर राजस्थान से आए रागी गगनदीप सिंह ने सबद कीर्तन करके संगत को निहाल कर दिया। दुख निवारण संजय नगर गुरुद्वारे में उन्होंने ‘जे सौ चंदा उगवे सूरज चढ़े हजार, धनु नानक तेरी बड़ी कमाई’ गाकर संगत को निहाल किया। इससे पहले रागी भाई बलवंत सिंह ने ‘तउ मैं आइआ शरनी आइआ, भरोसे आइआ किरपा आइआ’ सबद सुनाई। आनंद साहिब अरदास के बाद संगत ने लंगर ग्रहण किया। इस दौरान गुरु नानक देव की जीवनी से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी हुई। इस अवसर पर परमजीत सिंह, सतनाम सिंह, मालिक सिंह कालरा, बिजेंद्र सिंह, गुरदर्शन सिंह आदि उपस्थित थे।