बरेली। दुल्हन की तरह सजी दरगाह की गलियां, दरों दीवार पर चमचमाती लाईटें, चप्पे-चप्पे पर जायरीन की मौजूदगी और इनके बीच गूंजते शाह शराफत और पीरो मुर्शिद सकलैन मियां के नारों से रूहानी माहौल के बीच उर्स-ए-शराफती का शानदार आगाज हुआ। इसमें शामिल होने के लिए देश के दूर दराज इलाकों से पहुंचे जायरीन और एक के पीछे एक चादरों के जुलूस लोगों की आस्ताने से मोहब्बत का इजहार कर रहे थे।
हजरत शाह शराफत अली मियां का चार रोजा 52वां उर्स बुधवार को शाहबाद स्थित आस्ताने पर बदस्तूर शुरू हो गया। उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। इसके बाद फातेहा हुई। इसमें बड़ी तादाद में लोगों की शिरकत रही। इसके बाद महेशपुरा, पुराना शहर, शाहदाना, कोट, हजियापुर, नवादा, सैलानी, सहसवानी टोला, जगतपुर, मीरा की पैंठ, गौसिया मस्जिद, बाकरगंज, एजाजनगर गौंटिया आदि जगहों से पूरे दिन जुलूस पहुंचते रहे, जो अतीक सकलैनी, चमन सकलैनी, शाहिद सकलैनी, हामिद सकलैनी, यावर सकलैनी, हैदर सकलैनी, रजा सकलैनी आदि की अगुवाई में पहुंचे।
इसके अलावा आसपास के शहर, गांवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में जुलूस पहुंचते रहे। इसमें शाहजहांपुर, फरीदपुर, तिलहर, मजनपुर, बिनावर, औरंगाबाज, अलीगंज आदि जगह के अकीदतमंद पैदल आस्ताने पर चादर लेकर हाजिर हुए। इसमें मोहम्मद खालिद खान, कमरुल सकलैनी, मोहम्मद आरिफ सकलैनी, मोहम्मद मियां सकलैनी, अब्दुल हक सकलैनी, हाजी मुन्ना सकलैनी आदि रहे। इस जुलूसों का रास्ते में कई जगह स्वागत किया गया।
दरगाह पर पहुंचे दूर दराज के जायरीन
बरेली। उर्स-ए-शराफती में शिरकत करने के लिए अब तक देश के कई प्रातों से जायरीन पहुंच चुके हैं। इसमें महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, बंगाल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड आदि के जत्थे हैं। इन सभी के ठहरने के लिए दरगाह शरीफ के मेहमानखाने और आसपास के मकानों में ठहराने का माकूल इंतजाम किया गया है। साथ ही खानपान की व्यवस्था भी दरगाह की ओर से की गई है। प्रवक्ता हमजा सकलैनी ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, बंगाल आदि राज्यों से ट्रेनों से बड़ा कारवां सात-आठ नवंबर को यहां पहुंच रहा है। इसके स्वागत में दरगाह की ओर से स्टेशन पर मोहिब्बाने शाह सकलैन की ओर से कैंप भी लगाया गया है।
उर्स में आज के कार्यक्रम
मीडिया प्रभारी मोहसिन आलम ने बताया कि बृहस्पतिवार को सुबह छह बजे कुरान ख्वानी, दिन में चादरों का जुलूस, रात नौ बजे दीवानखाना चौक पर तकरीरी जलसा होगा।