बरेली। पुराने शहर में निकलने वाले जुलूसे मोहम्मदी में शामिल होने वाली अंजुमनों के अलावा आम लोगों को तमाम हिदायतें दी गईं। इसके लिए आयोजक कमेटी अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पदाधिकारियों ने जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं कर लोगों को जुलूसे मोहम्मदी के आदाब से अवगत कराया।
यह जुलूस ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर नौ नवंबर को निकाला जाएगा। इसके लिए आयोजकों ने नुक्कड़ सभाओं में लोगों को ताकीद करते हुए कहा है कि जुलूस में औरतों और लड़कियों को साथ न लाएं। उन्हें किसी भी सूरत में जुलूस का हिस्सा न बनाएं। पान, बीड़ी, सिगरेट, गुटका आदि से परहेज करें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे दूसरे मजहब के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे। जुलूस में सिर को ढककर कर चलें और समय पर नमाज अदा करते चलें।
इसके अलावा अंजुमनों को खास ताकीद की गई है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जुलूस को डीजे से मुक्त रखा जाएगा। पिछली बार कुछ अंजुमनों के डीजे लाने और अन्य कारणों के चलते पुरस्कारों का वितरण नहीं किया गया था। इस लिए इस बार ऐसी नौबत न आने दें। साथ ही बड़े वाहन, तलवार, भाले आदि पर भी सख्ती से रोक रहेगी। नुक्कड़ सभाओं को इमशाद हुसैन, हाफिज नियाज अहमद, अंजुम शमीम, मुहम्मद उस्मान, यामीन अहमद, अनवर हसन, करामत उल्ला, निहाल हुसैन आदि ने संबोधित किया।