बरेली। काजीउल कुज्जात की सरपरस्ती में मनाया जा रहा आला हजरत का उर्स दूसरे रोज भी जारी रहा। इसमें मथुरापुर स्थित जमीयतुर्रजा में मुफ्ती आजम हिंद और ताजुश्शरिया के कुल की रस्म अदा की गई।
जमीयतुर्रजा में सजे भव्य पंडाल में इमाम अहमद रजा खां कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें तमाम उलमा ने आला हजरत की जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और उनके इल्म-फुनून पर विस्तार से बयान किया। कांफ्रेंस काजीउल कुज्जात मुफ्ती असजद रजा खां कादरी की सरपरस्ती और मोहद्दिसे कबीर जिया उल मुस्तफा की सदारत में संपन्न हुई। इसमें देश विदेश के तमाम उलमा इकराम और सज्जादगान ने तकरीर की। निगरानी उर्स प्रभारी सलमान हसन खान की रही। निजामत मौलाना गुलजार ने की। मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां के कुल शरीफ की रस्म रात 1:40 बजे अदा की गई। इसके बाद भी तकरीर का सिलसिला जारी रहा।
इससे पहले तकरीब की शुरुआत शाम को तिलावते कुरान से हुई। इसमें उलमा की संक्षेप तकरीर के बाद ताजुश्शरिया हजरत अख्तर रजा खां के कुल शरीफ की रस्म शाम अदा की गई। उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हो गई थी। इसके बाद आला हजरत और ताजुश्शरिया की दरगाह पर चादर और गुलपोशी का सिलसिला शुरू हो गया था। इस मौके पर मुफ्ती अफजाल, मुफ्ती नश्तर फारूकी हाफिज काजिम रजा, मौलाना शकील, मौलाना शहजाद, मौलाना जाहिद रजा, मौलाना अजीमउद्दीन अजहरी आदि मौजूद रहे। इस आयोजन में शमीम खां सुल्तानी, समरान खान, डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद, हाफिज इकराम, बख्तियार खां, मोईन खां आदि का सहयोग रहा।