बरेली। असत्य और बुराइयों का अंतत: नाश होता ही है, अहंकारी रावण के वध के साथ एक बार फिर रामलीला मंचों से यही संदेश दिया गया। रावण के मारे जाते ही आकाश श्रीराम की जयघोष से गूंजने लगा। रंगारंग आतिशबाजी के बीच श्रीराम ने अंतिम तीर चलाया और देखते-देखते रावण का विशालकाय पुतला जलकर खाक हो गया। कुंभकरण और मेघनाद भी मारे गए।
विजयदशमी पर मेलों में जमकर भीड़ उमड़ी। शाम ढलते ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। जैसे-जैसे दिन ढलता गया मेले की चहल-पहल बढ़ती गई। मेले में रावण दहन से पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चला और कलाकारों ने पारंपरिक भजनों पर नृत्य प्रस्तुत किया। लगातार आतिशबाजी के बीच लोगों को भाईचारा, सौहार्द और शांति का संदेश दिया गया। पर्वतीय समाज रामलीला, जोगीनवादा रामलीला समिति, सुभाषनगर की रामलीला सभा, कटरा चांद खां समेत कई रामलीला समितियों ने दशहरा मेला में बुराई के प्रतीक रावण का दहन किया। हार्टमन की श्री रानी महालक्ष्मीबाई रामलीला समिति की ओर से रावण दहन के मंचन के दौरान भी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, मेयर उमेश गौतम समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
विभीषण ने बताया रावण के अमरत्व का रहस्य
रावण दहन से पहले मेलों में राम-रावण युद्ध का भी प्रदर्शन हुआ। भगवान राम एक के बाद एक तीर चलाते रहे लेकिन रावण पर सभी बेअसर रहे। अंत में विभीषण ने राम को रावण के अमरत्व का रहस्य बताया। इसके बाद राम ने मंत्रोच्चारण करके बाण चलाया तो रावण चीत्कार करते हुए धराशायी हो गया। इसके बाद पुतला दहन होते ही लोग दर्शकदीर्घा से मैदान की ओर दौड़ पड़े। परंपरानुसार लोग प्रतीकात्मक रावण की जली हुई अस्थियों को बला भगाने के लिए उठाकर घर लेकर लौटे।
रावण दहन के बाद निकली राजगद्दी
बरेली दशहरा रामलीला समिति की ओर से रावण दहन किया गया। स्टेडियम रोड स्थित दशहरा ग्राउंड में हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। शाम को श्री बांके बिहारी मंदिर से राजगद्दी शोभायात्रा निकाली गई, जो पारंपरिक मार्गों से होते हुए दशहरा ग्राउंड पहुंची। मेले में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, अति विशिष्ट अतिथि एडीजी अविनाश चंद्र, विशिष्ट अतिथि डीआईजी राजेश पांडेय ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। उद्घाटन मेयर उमेश गौतम ने किया। दहन से पहले आतिशबाजी प्रतियोगिता हुई। विजेता को पुरस्कार से नवाजा गया।
कॉलोनियों और गली-मोहल्लों भी हुआ रावण का वध
मेले की भीड़ भाड़ और धक्का-मुक्की से बचने के लिए लोगों ने अपने अपने घरों या कॉलोनी में भी पुतला दहन किया। रावण दहन के लिए वह मार्केट से पुतला खरीदकर लाए और खुद ही पटाखे बांधकर सामूहिक रूप से पुतला दहन किया। इसमें कालीबाड़ी, भरतौल, फाल्तूनगंज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कॉलोनी, मॉडल टाउन, इंद्रा पार्क, कटरा चांद खां, सिन्धुनगर, राधेश्याम इंक्लेव, प्रेमनगर, पवन विहार व अन्य कॉलोनियों में बच्चों ने घर के बेकार पड़े सामानों से रावण बनाकर उसका दहन किया। इसके अलावा बिहारीपुर कहरवान स्थित मंदिर बाबा देवादास के सामने भी मोहल्ले के बच्चों ने चंदा जुटाकर रावण का पुतला दहन किया। आयोजन में अभिषेक सक्सेना, अंकुर सक्सेना, गौरव, रिया, आयुष, वंश, अभिषेक, दिव्यांश का सहयोग रहा।