भक्तों को अभय, आयु और आशीष प्रदान करती हैं स्कंदमाता
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बरेली। दीदी पुष्पांजलि ने कहा कि स्कंदमाता भी पार्वती का ही स्वरूप हैं। स्कंद कुमार की माता होने के कारण उनका नाम स्कंदमाता पड़ा। मातृ गुणों से ओतप्रोत स्कंद माता भक्तों को अभय, आयु, आशीष प्रदान करती हैं।
आनंद आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत में उन्होंने कहा कि देवी भगवती का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता करुणा, दया, क्षमा और शीलता युक्त हैं। उनकी गोद में स्कंद कुमार हैं, दोनों हाथों में कमल पुष्प हैं। शुभ और ज्योत्सनामयी मां को पद्मासना भी कहा गया है। इनकी पूजा से स्कंद भगवान की पूजा स्वयं हो जाती है। मां की सेवा करने से ग्रहों की शांति स्वत: ही हो जाती है। लोगों को चाहिए कि वे अपनी मां को वस्त्र अर्पण करें। आज मुख्य रूप से पार्वती माता के जन्म का कार्यक्रम हुआ, इसमें दीदी पुष्पांजलि ने बधाई गीत गाए। श्रोताओं ने भी बधाइयां दे कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रीमद्भागवत कथा में मुख्य अतिथि महेंद्र कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि पूर्व मेयर सुभाष पटेल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष संजीव शर्मा रहे। कार्यक्रम में मनीष अग्रवाल, जतिन भारतीय, अभिषेक गुप्ता, प्रियांशु अग्रवाल, अंशुल मेहरोत्रा, दीपक गर्ग, ऋषभ चौधरी, विनीत अग्रवाल, पीयूष गुप्ता, हिमांशु अग्रवाल, पार्थ सक्सेना आदि उपस्थित थे।