बरेली। रोहिली टोला स्थित प्राचीन माहौर वैश्य नवदुर्गा मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। नवरात्र में नवदुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मान्यता है कि मां के दर्शन पूजन से सभी मुरादें पूरी होती हैं। यह मंदिर पुराना शहर के प्रमुख मंदिरों में से एक है। माहौर वैश्य नवदुर्गा मंदिर के संरक्षक रामेंद्र प्रसाद गुप्ता बताते हैं कि परिसर में स्थित शिवालय और ठाकुरद्वारा करीब 200 साल पुराना है। यहां नौ देवियों की स्थापना 2004 में हुई थी। हर प्रतिमा का दिव्य स्वरूप देखते ही बनता है। मंदिर में पूजा अर्चना को आने वाले श्रद्धालु नवरात्रि के दिनों में मां को वस्त्र, आभूषण और प्रसाद चढ़ाते हैं। ऐसा करने से सभी मुरादें पूरी होती हैं। मां देवी के स्वरूपों को देखने के लिए शंकराचार्य भी कई बार आ चुके हैं। उत्तराखंड के कई वेद पाठी विद्वान ब्राह्मण भी यहां मंत्र सिद्धि साधना करते हैं। उनका कहना है कि यहां सिद्धि की प्राप्ति बड़ी सहजता से हो जाती है।
मंदिर में सुबह शाम श्रद्धालुओं पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं। मान्यता है कि मंदिर में पूजा करने से सभी मुरादें पूरी होती हैं।
- पंडित मुकेश मिश्रा