बरेली। श्रीगंगा महारानी मंदिर, मलूकपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भागवत रसिक पंडित केसरीनंदन कौशिक ने गोवर्धन लीला कथा का वर्णन किया। ‘गिरिराजधरण प्रभु तेरी शरण’ की व्याख्या करते हुए कहा कि जो भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पण भाव के साथ रहता है, प्रभु उसे अभयदान देकर मुक्ति प्रदान करते हैं। इस मौके पर पंडित जगदीश, शैलेंद्र, अमन सैनी, कुणाल सैनी, अतुल सैनी, सूरज आदि मौजूद रहे। ब्यूरो