बरेली। आस्ताना आलिया मोहम्मदिया (दरगाह वली मियां) में जिक्रे इमाम हुसैन की महफिल सजाई गई। इसमें फातेहा के बाद लंगर का भी आयोजन किया गया।
इस मौके पर सज्जादानशीन अल्हाज अनवर मियां हुजूर ने इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत जो अज्ल से ही आपके लिए लिखी जा चुकी थी। इमाम हुसैन की शहादत का वाक्या कोई इंफरादी वाक्या नहीं है बल्कि इसका ताल्लुक इस्लाम की अस्ल हकीकत और दीनों मिल्लत की बुनियाद से है।
यूं तो यहां मोहर्रम की छह की तारीख से लंगर जारी है और घर घर तक पहुंचाया जा रहा था। यौमे आशुरा पर मंगलवार सुबह दस बजे खास फातेहा हुई और शिजरा पढ़ा गया। सज्जादानशीन अनवर मियां ने दुआ की। इसके बाद लंगरे आम में सैड़कों लोगों ने शिकरत किया।
इस मौके पर महफिल में सैयद नाजिर अली (चांद), इरशाद, आरिफ उल्लाह, जुनेद खान, महबूब खान, ताहिर जमाल रोमान शमसी आदि मौजूद रहे। जबकि लंगर को इरशाद, तौकीर, शाकिर, इफ्तेखार हुसैन मोहम्मद कासिम आदि ने अंजाम दिया।