बरेली। मोहनपुर ठिरिया एक तखत लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। मसीतगंज गौटिया के नाम से मशहूर यह तख्त पिछले एक साल से तैयार किया जा रहा था। इसके लिए मुरादाबाद से पीतल और तांबा मंगाकर उस पर नक्काशी की गई। वैसे तो यह लगभग सौ साल पुराना तखत है, लेकिन अब इसे नए सिरे से तैयार किया गया है। इस पर बारीक नक्काशी का काम रईस कारीगर ने किया है। पहले इस तख्त की शुरूआत हैदर बख्श ने की थी। अब यह मसीतगंज गौटिया कमेटी के मुतवल्ली फारूख अंसारी सहित गुलरेज अंसारी, रियाज अहमद, सूफी जाकिर मियां आदि की देख रेख में उठाया जाता है। पैगामे इमाम हुसैन सामाजिक संस्था के हकीम आहिद हुसैन ने बताया कि यहां कोई भी तखत 4 लाख रुपये से कम का नहीं है। इसमें एक तखत छह लाख रुपये का भी है। इसके अलावा अंसारी वाला तखत और दर्जी वाला तखत भी 5 से 6 लाख, और शेखों वाला जरी का तखत करीब चार लाख रुपये का है। इन तखतों को देखने के लिए काफी दूर दूर से लोग आते हैं। ब्यूरो