बरेली। अजादारी का सिलसिला इस वक्त उरूज पर है। शिया समुदाय में हजरत इमाम हुसैन के बेटे जनाबे कासिम की याद में शनिवार सात मोहर्रम को मेहंदी का जुलूस और अलम निकाला गया।
शहर के कई इमामबाड़ों पर मजलिसें हुईं जिनमें आलिमों ने हजरत कासिम की शहादत को बयान किया और उनके मसायब पढे़। दिन भर शहर के तमाम इमामबाड़ों में मातमो मजलिस का सिलसिला चलता रहा। रात में किला इंग्लिशगंज स्थित इमामबाड़ा महमूद हसन नकवी से आल इंडिया गुलदस्ते हैदरी ने मेहंदी का जुलूस निकाला। दूसरा अलम का जुलूस दीवानखाना छोटी मस्जिद के पास से अंजुमन परचमे अब्बास और दीवानखाना से और तीसरा शमशीरे हैदरी की ओर से निकाला गया। ये सभी जुलूस परंपरागत मार्गों से इमामबाड़ा फतेह अली शाह (काला इमामबाड़ा) पहुंचे। यहीं जुलूसों का समापन हुआ।
जरीदों का जुलूस आज
बरेली। हजरत इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास की शहादत पर जरीदों का कदीमी जुलूस आठ मोहर्रम रविवार को इमामबाड़ा फतेह अली शाह काला इमामबाड़ा से दिन में 11 बजे निकाला जाएगा। मीडिया प्रभारी शानू काजमी ने बताया कि जुलूस कदीमी रास्तों से होता हुआ शाम को कुमार टाकीज पहुंचेगा। वहां जंजीरी मातम होगा और यहीं से जुलूस की वापसी होगी।