बरेली। खानकाह नियाजिया में अजादारी का सिलसिला तेज हो गया है। मोहर्रम की चौथी तारीख बुधवार को खानकाही इमामबाड़ा आम जियारत के लिए खोल दिया गया है। जरी और अलम आदि नसब कर दिए गए हैं। इसी के साथ हाजिरी का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
इससे पहले हवेली में फकीरी की फातेहा हुई। सज्जादानशीन शाह मुहम्मद हसनैन नियाजी उर्फ हसनी मियां खास दुआ की। इस दौरान नायब सज्जादा अल्हाज शाह मेंहदी मियां नियाजी, प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी सहित सभी खानवादे मौजूद रहे। फातेहा के बाद खानवादों सहित मुरीदों और अकीदतमंदों मर्द हो या औरत सभी ने हरे लिबास धारण किए। देखते देखते खानकाह और आसपास का नजारा बदला बदला नजर आने लगा। जो लोग सादे और रोजमर्रा के कपड़े पहने अजादारी में लगे हुए थे, अब वह हरे लिबास में नजर आ रहे हैं। जिस तरफ भी देखो हर तरफ हरे रंग के लिबास में हुसैनी लश्कर जैसे लोग नजर आ रहे थे। उधर खानकाह में दिनभर अजादारी की तमाम तकरीब भी बदस्तूर जारी रहीं। खास कर शाम को इमामबाड़ा खुलने के बाद जियारत के लिए हुसैनियों की भीड़ जुटने लगी। नियाज नजर के बीच कोई मन्नतो मुराद मांग रहा था तो कोई अदबो एहतराम से अलम और जरी पेश करता नजरा आया। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। छठे मोहर्रम 6 सितंबर को यहां से तख्तों ताजियों का जुलूस निकाला जाएगा।