बरेली। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में मंदिरों में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर कान्हा के स्वागत के लिए जगमगा उठे हैं। शुक्रवार की शाम मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हो जाएगा जो मध्यरात्रि तक जारी रहेगा। वहीं, घरों में भी श्रीकृष्ण जन्म की झांकी बनाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। गुुरुवार को मंदिरों में कहीं शोभायात्रा तो कहीं भजन संध्या के साथ श्री कृष्ण जन्माष्टमी का आगाज हो गया है।
मंदिरों को सजाने संवारने का दौर पिछले करीब हफ्ते भर से चल रहा है। गुरुवार की शाम तक तैयारियों का आखिरी रूप दिया गया। जन्माष्टमी पर प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजनों के लिए भी रिहर्सल पूरी हो चुकी है। मंदिर कमेटियों के मुताबिक शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे से कार्यक्रमों का दौर शुरू होगा, जो देर रात तक जारी रहेगा। श्री हरि मंदिर के सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि भारी तादाद में उमड़ने वाली भीड़ में खुराफातियों पर अंकुश लगाने के लिए मंदिर के अंदर और बाहर दोनों ओर सीसीटीवी लगाए गए हैं। मंदिर कमेटी की ओर से वालंटियर्स की फौज भी तैनात रहेगी। रात ग्यारह बजे के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही, मंदिर परिसर श्री कृष्ण के जयकारे से गूंज उठेंगे।
श्री कृष्ण जन्म की होगी ‘आकाशवाणी’
मध्यरात्रि होते ही श्री हरि मंदिर में अबकी बार द्वापर युग जैसे श्री कृष्ण जन्म की आकाशवाणी का मंचन होगा। श्री कृष्ण जन्म के दौरान मान्यताओं के अनुरूप माहौल बनाने के लिए लाइट और साउंड का सहारा लिया जाएगा।
फोटो: श्रीराधा-कृष्ण की झांकी ने मोहा मन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्रीबांके बिहारी मंदिर में गुरुवार को शोभायात्रा निकाली गई। इसमें सबसे आगे चल रहे श्रीराधा कृष्ण के स्वरूप के दर्शन को सैकड़ों लोग उमड़े। झांकी के पीछे संकीर्तन करती हुई महिला मंडली चल रही थी। यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर केके हॉस्पिटल, गुप्ता चौराहा, आवास विकास चौक, राजेंद्र नगर पॉवर हाउस, शील चौराहा होते हुए मंदिर पर संपन्न हुई। महिला मंडली ने ‘मैं तो राधा की दीवानी बन जाऊंगी’, ‘गोबिंद मेरो हैै, गोपाल मेरो है’.. आदि भजन सुनाए।
‘मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा’
श्री हरि मन्दिर वार्षिकोत्सव और श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर श्री वैष्णो देवी बुआ दाती संकीर्तन मंडल के तत्वावधान में ‘आओ नन्द लाल’ भजन संध्या का आयोजन हुआ। अध्यक्षता गुरु रामनाथ अरोड़ा ने की। यहां सुरेन्द्र खत्री ने ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारे’ और जगदीश भाटिया ने ‘गोविंद चले आओ गोपाल चले आओ’ भजन सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर किया। हरीश सिधवानी ने ‘मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा’ ‘श्याम मुरली तो बजाने आओ’ भजन सुनाए। गुरुदेव ने श्रीकृष्ण महिमा का गुणगान कर उनके आदर्श और मर्यादाओं को अपनाने का सन्देश दिया। यहां मन्दिर कमेटी के सुशील, अश्वनी ओबेरॉय, जितिन दुआ और विकास भाटिया समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
इस्कॉन में मंदिर में होंगे आयोजन
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में रिठौरा स्थित श्रीराधा वृंदावन चंद्र मंदिर (इस्कॉन मंदिर) में 24 को शाम 4.30 बजे से रात बारह बजे तक विविध कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 25 अगस्त को श्री प्रभुपाद व्यास पूजा और नंदोत्सव सुबह साढे़ दस से दोपहर एक बजे तक होगा। 6 सितंबर को सुबह साढ़े दस से दोपहर एक बजे तक राधाष्टमी महोत्सव का आयोजन होगा। ये जानकारी मंदिर प्रबंध कमेटी ने दी।