बरेली। कान्हा के स्वागत के लिए शहर के प्रमुख और सभी छोटे-बड़े मंदिर तैयार होने लगे हैं। कोलकाता के फूलों और बिजली की झालरों से श्री हरि मंदिर को वृंदावन के प्रेम मंदिर की तर्ज पर सजाया जा रहा है। वहीं, श्री रामायण मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के दरबार की आकर्षक सजावट हो रही है। मंदिरों में राधाकृष्ण की पोशाक वृंदावन से मंगाई गई है।
मंदिरों में सजावट का आखिरी दौर चल रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच सजाए जा रहे हैं। मंदिर प्रबंध कमेटी उम्दा प्रस्तुतियों के लिए रिहर्सल में जुटी हुई हैं। ऐसे मौक पर बाजार पीछे कैसे रह सकता है। कान्हा के लिए बाजार में नग, सितारे, मोती लगे कपड़े आ गए हैं। किशन और राधा को सजाने के लिए डिजायनर कपड़ों की खूब मांग हो रही है। लड्डू गोपाल के लिए रंग बिरंगा कुर्ता और धोती मिल रही है तो राधा जी के लिए लहंगा, चोली भी अलग-अलग रेंज में मौजूद है। झांकी सजाने के लिए लोग चुन-चुन कर आर्टिफिशियल गहने खरीद रहे हैं। मुकुट, बांसुरी, कान के बूंदे, गले का हार, हाथ का कड़ा, बाजूबंद, पायल, नथ, मोरपंख की भी खरीदारी लोग कर रहे हैं। श्री कृष्ण की पीतल और व्हाइट मेटल मूर्तियों की बेहद मांग है।
बढ़ गए हैं फलों के दाम
फलों में सेब, अनार, पपीता, नाशपाती आदि की कीमत में भी दस से 15 रुपये तक की बढ़ोत्तरी अभी से हो गई है। इसके अलावा कान्हा को सजाने के लिए गहने, वस्त्र और झांकी सजाने के लिए भी श्रद्धालु जमकर खरीदारी कर रहे हैं। कुतुबखाना सब्जी मंडी में विक्रेताओं ने बताया कि जन्माष्टमी पर सर्वाधिक मांग खीरा की रहेगी। पिछली बार शाम के समय खीरा 50 रुपये तक में बिका। अबकी बार इसके दाम और बढ़ने के आसार हैं।
श्री हरि मंदिर
मॉडल टाउन स्थित श्री हरि मंदिर इस बार जन्माष्टमी के मौके पर वृंदावन के प्रेम मंदिर के तर्ज पर सजाया जा रहा है। बिहारी जी का श्रृंगार का सामान भी वृंदावन से मंगाया गया है। मंदिर का मुख्य द्वार और हॉल एलईडी से जगमगाएगा। जो हर पांच मिनट में प्रेम मंदिर की तर्ज पर रंग बदलेगा। सचिव रवि छाबड़ा ने बताया कि जन्माष्टमी के मौके पर भजन कीर्तन और अन्य कल्चरल प्रोग्राम होंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रिहर्सल डेढ़ माह से चल रहा है।
रामायण मंदिर
माधोबाड़ी स्थित श्री रामायण मंदिर कमेटी के जगदीश भाटिया ने बताया कि कोलकाता से आए कलाकार मंदिर को फूलों से सजाएंगे। इसके अलावा एलईडी से मंदिर परिसर रौशन होगा। श्री कृष्ण का दरबार की सजावट भी नयनाभिराम रहेगी। जन्माष्टमी पर शाम साढ़े सात बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके बाद भजन कीर्तन का दौर देर रात तक जारी रहेगा। प्रतिभागियों को पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
बांके बिहारी मंदिर
राजेंद्र नगर स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियां जोरों पर है। प्रबंध कमेटी ने बताया कि इस बार मंदिर को गेंदा, रजनीगंधा, गुलाब के अलावा तीन विदेशी फूल आर्किड, जरवेरा और गैलिट से भी सजाया जा रहा है। फिलहाल मंदिर की साफ -सफाई और सजावट का काम चल रहा है। महिला मंडल जन्माष्टमी पर कीर्तन, भजन करेगी। शोभायात्रा से कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा।
धोपेश्वरनाथ मंदिर
कैंट स्थित धोपा मंदिर में मंदिर प्रबंध कमेटी की ओर से जन्माष्टमी की रात 8 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इसके लिए मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर की प्रतिमा के पास मंच आदि सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रबंध कमेटी के एनडी पांडेय ने बताया कि देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का दौर जारी रहेगा। मंच पर बच्चो की प्रस्तुतियां समेत प्रस्तुत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेगी।