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मंदिरों की सुरक्षा को हर प्वाइंट पर होगी फोर्स की ड्यूटी

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बरेली। नाथ नगरी के सातों नाथ मंदिरों पर जलाभिषेक के लिए लाखों कांवड़ियों के उमड़ने की उम्मीद है। बदायूं के कछला घाट से ही जल लेने को करीब एक लाख कांवड़िये रवाना हुए हैं जो तेजी से लौट रहे हैं। जलाभिषेक के लिए मंदिरों में बेरीकेडिंग कराकर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं।
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नाथ नगरी में सोमवार को कांवड़ियों से लेकर भोले के अन्य भक्तों का मंदिरों पर जमाबाड़ा रहेगा। वहीं, बकरीद की नमाज की वजह से ईदगाह और मस्जिदों भी नमाजियों की भीड़ उमड़ेगी। इस लिहाज से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर के सभी थानों का पुलिस बल ड्यूटी पर लगाया गया है तो देहात के अपेक्षाकृत शांत रहने वाले थानों से भी स्टाफ शहर में ड्यूटी पर लगाया गया है। पुलिस लाइन के रिजर्व स्टाफ के 169 कर्मचारी भी मंदिरों के पास सुरक्षा बंदोबस्त में लगाए गए हैं। मुरादाबाद से आए 50 दरोगा में से 30 की ड्यूटी शहर में तो बाकी की देहात में लगाई गई है। पुलिस के साथ ही पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स भी लगाई गई है।

इस बार आधे भी नहीं गए जत्थे
- कछला जाने वाले जत्थों की संख्या रविवार देर शाम तक 275 ही थी। इक्का-दुक्का अन्य जत्थे भी जा रहे थे। रामगंगा चौकी पुलिस अनुमान लगा रही थी कि कुल जत्थों की संख्या 285 तक हो सकती है। इनमें से करीब 100 जत्थे रविवार रात दस बजे तक वापस आ गए थे। पिछली साल कछला को 595 जत्थे रवाना किए गए थे। इस लिहाज से इस बार जत्थों की संख्या आधी भी नहीं रही है। कछला जाने वाले कांवड़ियों की संख्या अनुमानित एक लाख मानी जा रही है। पिछली साल दो लाख से ज्यादा कांवड़िये कछला गए थे। अलखनाथ मंदिर के पास रविवार को बेरीकेडिंग की गई। कई मंदिरों पर इस बार बेरीकेडिंग के बिना ही लाइनें बनाकर जलाभिषेक कराया जाएगा। ऐसा कांवड़ियों की कम संख्या के चलते किया जा रहा है।
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फिर तलवारें लहराते निकले कांवड़िये
- शहर में फिर कांवड़ियों के जत्थों ने तलवारों का प्रदर्शन किया। झूमते गाते कांवड़िये वाहनों के ऊपर तलवारें लेकर बैठे थे तो कुछ पैदल चल रहे थे। कुछ कांवड़ियों के हाथों में मोटे डंडे थे। इससे शक्ति प्रदर्शन जैसी स्थिति साफ नजर आई। श्यामगंज चौकी समेत कई थानों-चौकियों के सामने से यह जत्थे गुजरे पर पुलिस मूकदर्शक नजर आई। बवाल के डर से इन्हें टोकने की भी जरूरत महसूस नहीं की गई।
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