बरेली। बकरीद और सावन के चौथे सोमवार को लेकर प्रशासन व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने में जुटा हुआ है। बिथरी के गांव धर्मपुर में पिछले साल बकरीद पर कुर्बानी को लेकर माहौल गर्मा गया था। तब पुलिस की निगरानी में कुर्बानी कराई गई थी। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इस बार भी धर्मपुर में विवाद हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो इसकी आंच उमरिया खजुरिया तक पहुंच सकती है। एसडीएम ने इस खतरे की रिपोर्ट एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी को भेज दी है। एलआईयू भी सतर्क हो गई है।
गांव मेहतरपुर करोड़ के ग्रामीणों की तरफ से उदयपुर जसरथपुर की प्रधान रेशमा ने एसडीएम को दी दरख्वास्त दी है कि इस साल बड़े जानवरों की कुर्बानी तीन दिन 12 से 14 अगस्त तक ग्राम धर्मपुर में कराई जाय। एसडीएम सदर अमरेश कुमार ने इस मामले की जांच बिथरी चैनपुर के प्रभारी निरीक्षक से कराई। जांच अधिकारी ने धर्मपुर और मेहतरपुर करोड़ के कई लोगों से पूछताछ की तो सामने आया कि मेहतरपुर करोड़ में बकरीद पर बकरों की कुर्बानी लोग अपने घरों में करते आ रहे हैं। जबकि बड़े जानवरों की कुर्बानी धर्मपुर में होती रही है, लेकिन पिछले वर्ष दो समुदाय के बीच मतभेद के कारण धर्मपुर की कांवड़ यात्रा फोर्स की निगरानी में काशी मार्ग से निकाली गई थी। मेहतरपुरकरोड़ में बकरीद पर बड़े जानवरों की कुर्बानी धर्मपुर के बजाय ग्राम काशी में करा दी गई थी। मेहतरपुर करोड़ में बड़े जानवरों की कुर्बानी का स्थान धर्मपुर में पूर्व से निर्धारित होता रहा है, लेकिन धर्मपुर में एक समुदाय के लोग बड़े जानवरों की कुर्बानी का विरोध करते रहे हैं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के धारा 107 व 116 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। बकरीद और सावन के चौथे सोमवार के एक दिन ही पड़ने से इस बार भी यहां माहौल खराब होने की आशंका है। इसलिए यहां खुफिया विभाग से जानकारी जुटाई जा रही हैं।
पिछले साल धर्मपुर में कांवड़ को लेकर माहौल खराब हो गया था। इसके बाद बकरीद पर कुर्बानी काशी गांव में कराई गई थी। शनिवार को धर्मपुर में पहुंचकर लोगों से बातचीत में धर्मपुर में ही जानवरों की कुर्बानी होने की बात पता चली है। यह नई परंपरा नहीं है। इस बार धर्मपुर में बकरीद पर कुर्बानी होगी। इसके लिए पुलिस व प्रशासन दोनों ही सतर्क है।
- अमरेश कुमार, एसडीएम सदर