बरेली। खोलो दया का द्वार, हरि जी खोलो दया का द्वार। कई जन्मों से भटक रहा हूं, मत करना इंकार। हरि नाम के यह बोल श्री रामायण मंदिर में गूंजे तो भक्तजन भी ध्यान मुद्रा में मग्न हो गए।
माधोबाड़ी के रामायण मंदिर में इन दिनों गोस्वामी तुलसी दास जयंती समारोह मनाया जा रहा था, जिसका बुधवार को समापन हो गया। बुधवार को अंतिम दिन के कार्यक्रम की शुरुआत शांति यज्ञ से हुई। इसमें बदायूं, किच्छा, उत्तम नगर, संभल, चंदोसी, दिल्ली, पीलीभीत, विकास नगर आदि स्थानों से आए विभिन्न मंडलों के दलों ने भजनों की प्रस्तुति दी।
इस मौके पर खास तौर से महिला संकीर्तन मंडल, कुक्की अरोरा, बरखा अरोरा एवं निष्काम संकीर्तन मंडल ने तुलसीदास जी के जन्मोत्सव से संबंधित भजन गाए। इसमें खास तौर से- आई है तुलसी जयंती की खुशियां लेकर, सजी है दुनिया दुल्हन सी मेरे सरकार आए हैं... आदि भजनों पर श्रद्धालु नाचते रहे। जगदीश भाटिया ने भी हरे कृष्ण हरे कृष्ण.. आदि भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आत्म विभोर कर दिया। अंत में पीठाधीश्वर देवेंद्र गोस्वामी के आशीर्वचन के उपरांत आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ समारोह का समापन हो गया। इस बीच दोपहर में भंडारा हुआ। अंत में समिति के जगदीश भाटिया ने सभी का आभार जताया।