बरेली। कई सालों बाद सावन के तीसरे सोमवार पर त्रियोगों के महासंयोग में नागपंचमी भी मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य सोमवार के दिन नागपंचमी को बेहद शुभ संयोग करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि सावन के साथ सोमवार के सिद्धयोग का महासंयोग जातकों के विधिविधान से किए गए पूजन का कई गुना फल प्रदान करेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज शर्मा के मुताबिक श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पूजन का विधान है। पंचमी चार अगस्त को रात 11.02 बजे लग रही है जो पांच अगस्त को रात 8.40 बजे तक रहेगी। इसे अबूझ तिथि के सापेक्ष माना गया है। इसी दिन नागपंचमी और सिद्धयोग का संयोग इसे और विशेष बना रहा है। उन्होंने बताया कि नागपंचमी को घर के दरवाजे के दोनों ओर गोबर से नाग की पांच फन वाली आकृति बनाकर पंचोपचार या षोडशोपचार पूजन करना चाहिए। नागों को दूध, लावा, खीर इत्यादि खिलाना या चढ़ाना चाहिए।