बरेली। डेलापीर स्थित थोक फल-सब्जी मंडी में केमिकल से रंगी-धुली लाखों रुपये की सब्जियां के कारोबार पर लगाम नहीं लग पा रही। इस धंधे में कुछ खास आढ़ती शामिल बताए जाते हैं। इसी खराब सब्जी को लोगों के घरों में जाने से रोकने के लिए रविवार अवकाश को भी खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की टीम ने डेलापीर सब्जी मंडी में छापा मारा। टीम ने केमिकल से तैयार अदरक के नमूने भरे और सैकड़ों क्विंटल संदिग्ध सब्जियों की वीडियोग्राफी कराई। संदिग्ध सब्जियों का कारोबार करने वालों को इसकी भनक लगते ही अफरातफरी मच गई।
खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) मुख्यालय हर दिन केमिकल से तैयार फल और सब्जियों के कारोबार पर निगरानी करा रहा है। इसके तहत ही जिला अभिहित अधिकारी डीआर मिश्रा हर दिन छापा टीमें मंडियों में रवाना कर रहे हैं। मंडी परिषद द्वारा संचालित मंडियों में ही सबसे ज्यादा गोरखधंधा विभागीय मिलीभगत से हो रहा है, इसलिए एफएसडीए विभाग ने इन बड़ी मंडियों को ही निशाना बनाया है। रविवार सुबह एफएसडीए की टीम ने थोक मंडी स्थित सी-40 फईम की आढ़त पर पहुंचकर केमिकल से तैयार संदिग्ध अदरक के नमूने भरे और सब्जी कारोबार की वीडियोग्राफी की। वीडियो में मंडी में गंदगी और अतिक्रमण आदि के भी फोटो आ गए हैं।
केमिकल से रंगी हरी मटर
यहां मंडी में हर दिन बड़ी मात्रा में हरे केमिकल रंग से तैयार मटर पहुंच रही है। फड़ों पर 100-200 ग्राम के सामान्य पाउच खुले आम बिक रहे हैं। पैकिंग पर किसी निर्माता, पैकर्स आदि का नाम पता भी नहीं है। नगर निगम गेट के सामने लगने वाली सब्जी मंडी गेट पर तीन-चार बड़े व्यापारी सुबह से ही रंगीन मटर, सोयाबीन और मशरूम आदि का कारोबार करना शुरू कर दे देते हैं। यही स्थिति श्यामगंज और कुतुबखाना मंडी में है। यह मटर कहां से तैयार होकर सप्लाई होती है, इसकी जानकारी नहीं है।
मंडियों में केमिकल से तैयार सब्जी और फल आने की सूचना लगातार मिल रही है। हरी मटर इन दिनों बेची जा रही है, अदरक भी तेजाब से धो रहे हैं। एफएसडीए टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है और नमूने भरे जा रहे हैं। अभियान जारी रहेगा, मंडी परिषद भी इसमें सहयोग करे।
- डीआर मिश्रा, जिला अभिहित अधिकारी