बरेली। बिजली निगम के आलाधिकारियों को अब काफी राहत मिल गई है। संघर्ष समिति की ओर से जारी हुए नए दिशा निर्देशों के तहत अब सभी कार्यालयों में कार्य यथावत होते रहेंगे, लेकिन तीन घंटे प्रबंधन के साथ चल रहा असहयोग आंदोलन और पावर कारपोरेशन के चेयरमैन की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अभियंता बहिष्कार करेंगे।
निजीकरण के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को लेकर हर दिन नए बदलाव हो रहे हैं। मंगलवार को हुए फैसले के तहत अनिश्चितकालीन बहिष्कार स्थगित किया था। वहीं प्रबंधन का भी पूर्ण रूप से असहयोग करने का फैसला लिया गया था। उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के जिला संयोजक ने बताया कि मंगलवार रात को हुए बदलाव में साफ हुआ है कि 29 मई से विरोध में कुछ नया नहीं होने वाला है। पूर्ण रूप से प्रबंधन का असहयोग (कार्यालयों के तमाम कार्य बंद) को फिलहाल स्थगित किया गया है। पूर्व की तरह चल रहे दोपहर दो से पांच बजे तक असहयोग आंदोलन ही जारी रहेगा। संवाद