बरेली। दरगाह आला हजरत के प्रमुख सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले सलमान मियां समेत उलेमा इकराम मुहम्मद शहज़ाद आलम, नायब काजी ए शहर लखनऊ अनीस आलम सिवनी, काजी मुश्तफा आलम निजामी (कर्नाटक) और मुंबई के मुहम्मद उबैद रजा व नूर को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राहत दी है। इन सभी के खिलाफ दरगाह प्रमुख सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) के छोटे बेटे मुस्तहसन रजा खान ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है।
दरगाह प्रमुख के बेटे मुस्तहसन रजा खान ने पांच जुलाई 2023 को कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि सलमान मियां समेत अन्य लोगों ने सुब्हानी मियां को बदनाम किया। अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और लोगों को भड़काने की कोशिश की, मदरसे के बोर्ड में भी तोड़फोड़ की। आरोपियों ने एफआईआर के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली थी। वादी पक्ष साक्ष्य दाखिल नहीं कर सका। कोर्ट ने ने माना कि सलमान मियां पर लगाए गए आरोपी बेबुनियाद, मनगढ़त व झूटे हैं। कोर्ट ने वादी पक्ष के अधिवक्ता को फटकार लगाई और पुलिस को सभ्य व गणमान्य लोगों के खिलाफ बिना जांच रिपोर्ट दर्ज न करने के निर्देश दिए। संवाद