बरेली। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के दौरान कोहाड़ापीर से लेकर धर्मकांटा चौराहे तक चौड़ीकरण होने के दौरान दुकानों के गलत चिह्नित का मामला उठा तो नगर निगम की टीम ने मौके पर जाकर व्यापारियों की समस्या सुनी। कहा कि किसी भी व्यापारी को चौड़ीकरण के दौरान नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, साथ ही रोड की दोबारा से नपाई होगी। चौड़ीकरण के मामले को लेकर तमाम व्यापारी भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल के नेतृत्व में नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे, लेकिन नगर आयुक्त के न मिल पाने के कारण वह एई मुकेश शाक्य से मिलने पहुंचे।
अनिल ने कहा कि रोड पर गलत तरीके से नापजोख की गई है, कई व्यापारियों की दुकान अतिक्रमण की जद में न आने के बाद भी उन पर लाल निशान लगा दिया गया है। वहीं कुछ व्यापारियों को बड़े दुकानदारों को बचाया जा रहा है।
व्यापारियों के विरोध के बाद निगम की टीम सोमवार शाम दोबारा जांच करने पहुंची। जांच में पाया गया कि ड्राफ्ट मैन रविंद्र ने कलम दवात को सेंटर मानते हुए नपाई की, जिस कारण ये गड़बड़ी हुई है। कोहाड़ापीर वाली सड़क 19 मीटर चौड़ी है, जिसके अनुसार नापजोख की जाएगी। एई ने कहा कि जिन व्यापारियों को परेशानी है उनकी नपाई दोबारा कराई जाएगी।
व्यापारियों ने कहा कि वे विकास कार्यों के पूर्णता पक्षधर हैं और किसी भी प्रकार से कार्य में बाधा नहीं डालेंगे। व्यापारियों ने कहा कि पेट्रोल पंप, नैनीताल रोड और धर्मकांटा रोड पर मस्जिद की दीवार पर केवल 5 मीटर का चिह्नांकन किया गया है। निगम की ओर से सभी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। संवाद