बरेली। स्कूलों के विलय को लेकर बढ़ रहे विरोध के बीच बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के एक किलोमीटर से ज्यादा दूर व 50 से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूलों का विलय नहीं करने के फैसले का शिक्षकों ने स्वागत किया है। जिले में इस फैसले का फायदा 127 विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। इन्हें स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
नए फैसले के बाद इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब अपने घरों के करीब ही शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। इससे उनकी उपस्थिति में सुधार होने और शिक्षा तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है। शिक्षक नेताओं ने इस कदम को छात्र हित में बताते हुए सरकार की सराहना की है।
यूटा के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि यह छोटे और गरीब बच्चों के हक में है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने इस पहल को काफी सुविधाजनक बताया और कहा कि यह उन अभिभावकों के लिए खुशखबरी है जो अपने छोटे बच्चों को घर से दूर भेजने से डर रहे थे।
वरिष्ठ शिक्षक नेता हरीश बाबू शर्मा ने कहा कि स्कूल मर्जर पर फैसला पलटने से राहत होगी। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षक संघ की आवाज आम जनता की आवाज बनी है। संवाद