फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों के लिए राहत की बारिश तीन दिन बाद

विज्ञापन
barish - फोटो : barish
विज्ञापन

मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान, धूप और उमस से जल्द मिलेगी निजात

बरेली। पिछले करीब चार दिनों से मंडरा रहे बादल बारिश के अनुकूल माहौल न बनने से बरस नहीं पा रहे हैं। मगर, तीन दिन बाद जब बारिश शुरू होगी तो करीब हफ्ते भर तक लगातार लोगों को भिगोएगी। ऐसी उम्मीद मौसम विभाग ने जताई है। उनके मुताबिक, फिलहाल पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में लगातार बारिश हो रही है। तीन दिन बाद यही बादल पश्चिम की ओर पहुंचकर बारिश करेंगे। लिहाजा किसानों को फसल के बाबत तैयारी का सुझाव दिया है।
विज्ञापन

आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक, पश्चिमी जिलों में 22 जून की शाम से हल्की वर्षा की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। 23 जून से 26 जून के बीच हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है। 27 से 29 जून के बीच घने बादल छाएंगे और अच्छी बारिश की उम्मीद है। इस बीच हल्की के बजाय मध्यम से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है। बताया कि 26 जून के आसपास हरियाणा से बिहार तक बादलों की टर्फ रेखा विकसित होगी, जिसके चलते हवाओं की दिशा और शहर का मिजाज भी बारिश के अनुकूल बन जाएगा। संभावना जताई कि तेज बारिश की वजह से पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की ओलावृष्टि होने के साथ ही तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस बीच तापमान में भी करीब दो से तीन डिग्री तक गिरावट दर्ज होने से गर्मी और उमस से काफी हद तक निजात मिलेगी।

धूप और बदलों की लुकाछिपी से एक डिग्री लुढ़का तापमान

पिछले कई दिनों से मंडरा रहे बादल बारिश भले ही न कर रहे हों मगर उनकी मौजूदगी से तापमान में हर दिन एक डिग्री की गिरावट अधिकतम तापमान में दर्ज हो रही है। शनिवार को तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 35.3 डिग्री और न्यूनतम 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि चार दिन पहले 38.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हवा में नमी 63 से 71 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। अगले तीन दिन में बादल छाने के आसार हैं।

धान लगा रहे किसानों को मिलेगी सर्वाधिक राहत

जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी के मुताबिक, बारिश के बाबत मौसम विभाग से जानकारी मिली है। ऐसे में धान की फसल लगा रहे किसानों को सर्वाधिक राहत मिलेगी। धान की फसल को अधिक पानी की जरूरत होती है। ऐसे में किसान बारिश के पानी को खेत में रोकने का बंदोबस्त कर लें। मगर ज्यादा देर तक पानी को खेत में न रुकने दें। वहीं सब्जी संबंधी फसलों में अगर रस चूसने वाले कीटों का प्रकोप हो तो येल्लो ट्रेप का प्रयोग करें और 1.5 मिली लीटर डाइमेथोएटेड, 1.5 ग्राम एसीफेट को प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें। अनाज व अन्य उत्पादों को यदि मंडी ले जा रहे हों तो ये सुनिश्चित अवश्य कर लें कि उत्पादों में नमी कम से कम या अनुकूलतम हो, जिससे उत्पादों को मंडी परिसर में न रखना पड़े और वर्षा से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें